Noida Engineer Death Case: फरीदाबाद से बिल्डर गिरफ्तार, दो डायरेक्टर जेल भेजे गए

Noida Engineer Death Case: फरीदाबाद से बिल्डर गिरफ्तार, दो डायरेक्टर जेल भेजे गए
नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद के बिल्डर और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर रवि बंसल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के दूसरे डायरेक्टर सचिन करनवाल को भी हिरासत में लिया है। दोनों की गिरफ्तारी युवराज मेहता की मौत से जुड़े गंभीर लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोपों के तहत की गई है।
यह हादसा 16 जनवरी की रात ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन साइट पर हुआ था, जहां 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार, युवराज की कार पानी में फंस गई थी, जिसके बाद वह बाहर निकलकर गाड़ी की छत पर चढ़ गया और करीब डेढ़ घंटे तक मोबाइल की टॉर्च जलाकर मदद के लिए संकेत देता रहा। बावजूद इसके, समय पर कोई सहायता नहीं पहुंच सकी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस निर्माणाधीन प्लॉट में यह हादसा हुआ, वहां लंबे समय से पानी भरा हुआ था और किसी भी तरह के सुरक्षा इंतजाम या चेतावनी संकेत मौजूद नहीं थे। पुलिस का कहना है कि यदि साइट पर जरूरी बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो इस युवक की जान बचाई जा सकती थी। इस लापरवाही को गंभीर अपराध मानते हुए पुलिस ने बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है।
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने इस मामले में 18 जनवरी को पहली एफआईआर दर्ज की थी। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच को आगे बढ़ाते हुए दो और डायरेक्टरों की गिरफ्तारी की गई है। इसके साथ ही नोएडा में स्थित बिल्डरों के दो दफ्तरों को सील कर दिया गया है। फरार आरोपी निर्मल सिंह के सेक्टर-126 स्थित दफ्तर पर भी पुलिस ने सील लगाकर कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया है।
गिरफ्तार किए गए रवि बंसल फरीदाबाद के मंगलम रेजिडेंसी अपार्टमेंट में रहते हैं, जबकि सचिन करनवाल गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इसी मामले में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर दूसरी एफआईआर भी दर्ज की है, जिसमें अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अंचल बोहरा और निर्मल कुमार को आरोपी बनाया गया है।
दूसरी एफआईआर में आरोप है कि निर्माणाधीन साइट पर वर्षों से गहरा गड्ढा बना हुआ था, जिसमें पानी जमा था और इससे जल प्रदूषण और पर्यावरणीय नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा था। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और जल प्रदूषण से जुड़े कानूनों के तहत यह मामला दर्ज किया है।
इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण के सिविल, परियोजना और यातायात विभाग सहित कई विभागों से सेक्टर-150 में कराए गए निर्माण और विकास कार्यों का पूरा ब्योरा मांगा है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
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