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Noida Electricity: नोएडा में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए तैनात हुए फीडर मैनेजर, सप्लाई से लेकर उपभोक्ता संवाद तक निभाएंगे अहम भूमिका

Noida Electricity: नोएडा में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए तैनात हुए फीडर मैनेजर, सप्लाई से लेकर उपभोक्ता संवाद तक निभाएंगे अहम भूमिका

नोएडा। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से विद्युत निगम ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के सभी बिजली उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों पर अब फीडर मैनेजर तैनात कर दिए गए हैं। इन फीडर मैनेजरों की जिम्मेदारी केवल बिजली सप्लाई की निगरानी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वे उपभोक्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के समाधान का भी प्रयास करेंगे।

विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, फीडर मैनेजर यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके संबंधित फीडर से जितनी बिजली आपूर्ति की जा रही है, उसके अनुरूप ही उपभोक्ताओं के बिल तैयार हो रहे हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सभी उपभोक्ताओं तक समय पर बिल पहुंच रहे हैं या नहीं और कहीं किसी प्रकार का गलत या अनियमित बिल तो नहीं बनाया जा रहा है। यदि किसी उपभोक्ता को बिल से संबंधित परेशानी है, तो फीडर मैनेजर उससे संवाद कर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।

फीडर मैनेजरों को यह भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने फीडर क्षेत्र के उपभोक्ताओं के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें। उपभोक्ताओं की बिजली से जुड़ी शिकायतें, जैसे बार-बार ट्रिपिंग, लो वोल्टेज, अर्थिंग की समस्या या लोड असंतुलन जैसी दिक्कतों पर भी वे नजर रखेंगे। इसके साथ ही फीडर क्षेत्र में बिजली बिल जमा कराने की प्रक्रिया को भी सुचारू बनाने का कार्य करेंगे, ताकि बकाया कम किया जा सके और राजस्व में सुधार हो।

विद्युत निगम के अधिकारियों ने बताया कि चेयरमैन के निर्देश के बाद जिले में फीडर मैनेजरों की तैनाती पूरी कर ली गई है और उनकी जिम्मेदारियां भी स्पष्ट रूप से तय कर दी गई हैं। फीडर मैनेजर बिजली लाइनों की निगरानी के साथ-साथ अर्थिंग और लोड बैलेंसिंग पर भी विशेष ध्यान देंगे, ताकि फॉल्ट की स्थिति कम से कम उत्पन्न हो और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके।

आंकड़ों के अनुसार, जिले में विद्युत निगम के कुल 106 बिजली उपकेंद्र हैं, जिन पर करीब 810 फीडर संचालित हो रहे हैं। इनमें सर्किल-वन के अंतर्गत 357 फीडर और सर्किल-टू में 453 फीडर शामिल हैं। इन सभी फीडरों पर फीडर मैनेजरों की तैनाती कर दी गई है। कर्मचारियों की संख्या सीमित होने के कारण कुछ स्थानों पर एक ही कर्मचारी को एक से अधिक फीडरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कहीं-कहीं एक फीडर मैनेजर को एक से दो या दो से तीन फीडरों का प्रभार दिया गया है।

फीडर मैनेजरों के कार्यों की निगरानी संबंधित क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर (जेई) और असिस्टेंट इंजीनियर (एई) करेंगे, जबकि जेई और एई के कार्यों की समीक्षा अधीशासी अभियंता द्वारा की जाएगी। इससे पूरी व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश कम होगी।

इस संबंध में अधीक्षण अभियंता विवेक कुमार पटेल ने बताया कि जिले के सभी फीडरों पर फीडर मैनेजर तैनात कर दिए गए हैं और उन्हें उनके अधिकारों व कर्तव्यों की पूरी जानकारी दे दी गई है। इसका उद्देश्य यही है कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिले और बिजली व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो।

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