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AIIMS Delhi: ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर आएं, इलाज और सुविधाओं का पूरा लाभ पाएं: एम्स निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास

AIIMS Delhi: ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर आएं, इलाज और सुविधाओं का पूरा लाभ पाएं: एम्स निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास

नई दिल्ली, 4 जनवरी। एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे एम्स आने से पहले अनिवार्य रूप से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लें, ताकि इलाज और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को अनावश्यक भटकाव, लंबी कतारों और असुविधा से बचाना है, जिससे उनका अनुभव अधिक सहज और सम्मानजनक बन सके।

डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने वाले मरीजों को एम्स में सीधे ‘ग्रीन चैनल’ के माध्यम से देखा जाता है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकना भी नहीं पड़ता। उन्होंने स्पष्ट किया कि एम्स में इलाज, भर्ती प्रक्रिया और इससे जुड़ी कई सेवाएं अब डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित हो सकें।

विश्राम सदन सुविधा के बारे में जानकारी देते हुए एम्स निदेशक ने कहा कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के ठहरने की व्यवस्था भी ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के जरिए की जा सकती है। एम्स द्वारा अटेंडेंट्स के लिए विश्राम सदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसे पहले से ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार किया गया है, जहां लोग आसानी से बुकिंग कर सकते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार सुविधा का चयन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि डिजिटल सिस्टम के जरिए सेवाओं को सुव्यवस्थित करने का मुख्य उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर, सुगम और तनावमुक्त अनुभव देना है। एम्स प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और विश्राम सदन जैसी सुविधाओं से अस्पताल में भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और संसाधनों का सही उपयोग हो सकेगा।

एम्स दिल्ली ने मरीजों और उनके तीमारदारों की परेशानी को और कम करने के लिए सीआरपीएफ के सहयोग से ‘आश्रय’ सुविधा भी शुरू की है। इस पहल के तहत रात के समय ओपीडी के लिए बाहर इंतजार कर रहे मरीजों को ई-शटल बसों के माध्यम से आश्रय केंद्र तक पहुंचाया जाता है। वहां मरीजों और उनके परिजनों को टोकन की सुविधा, निःशुल्क भोजन, कंबल और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराए जाते हैं। अगले दिन मरीजों को उसी क्रम में ओपीडी तक पहुंचाया जाता है, जिससे उन्हें लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी न हो।

लगभग 250 लोगों की क्षमता वाला यह आश्रय केंद्र पूरी तरह से कार्यरत है और इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है। एम्स प्रशासन का कहना है कि ऐसी पहलों से अस्पताल में आने वाले मरीजों का भरोसा बढ़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

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