Noida Consumer Court नोएडा में शादी रद्द होने पर बैंकेट हॉल मालिक को रकम लौटाने का आदेश

Noida Consumer Court नोएडा में शादी रद्द होने पर बैंकेट हॉल मालिक को रकम लौटाने का आदेश

नोएडा के जिला उपभोक्ता आयोग ने शादी का कार्यक्रम रद्द होने के बाद बकाया रकम वापस नहीं करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने रामा बैंकेट हॉल के मालिक को उपभोक्ता को ब्याज सहित शेष धनराशि लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने की। शिकायतकर्ता जय प्रकाश भाटी सेक्टर-75 नोएडा के निवासी हैं। उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए 20 मार्च 2023 को रामा बैंकेट हॉल की बुकिंग कराई थी।

शिकायत के अनुसार, बुकिंग के समय पांच हजार रुपये ऑनलाइन जमा किए गए थे, जबकि अगले दिन 7.75 लाख रुपये नकद दिए गए। बाकी रकम शादी के बाद चुकानी तय हुई थी। बेटी की शादी 22 जून 2023 को होनी थी, लेकिन रिश्ता टूट जाने के कारण कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इसकी जानकारी शादी से करीब एक महीने पहले ही बैंकेट हॉल संचालक को दे दी गई थी।

जय प्रकाश भाटी ने बताया कि रकम वापस मांगने पर बैंकेट हॉल संचालक अमरजीत सिंह ने भरोसा दिलाया था कि भविष्य में किसी अन्य कार्यक्रम में रकम समायोजित कर दी जाएगी। इसी दौरान उनके बेटे निशांत की शादी तय हुई और 19 नवंबर 2023 को आयोजित कार्यक्रम में करीब छह लाख रुपये समायोजित भी कर दिए गए।

इसके बाद नवंबर 2024 में बेटी की दोबारा शादी तय होने पर परिवार फिर से बैंकेट हॉल पहुंचा, लेकिन संचालक ने बची हुई 1.50 लाख रुपये की रकम समायोजित करने या वापस करने से इंकार कर दिया। कई बार संपर्क करने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

सुनवाई के दौरान बैंकेट हॉल मालिक की ओर से आयोग के समक्ष कोई ठोस पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर एकपक्षीय सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।

आयोग ने माना कि छह लाख रुपये पहले ही समायोजित किए जा चुके थे, लेकिन बाकी 1.50 लाख रुपये न तो लौटाए गए और न ही किसी कार्यक्रम में समायोजित किए गए। इसे सेवा में कमी और उपभोक्ता के साथ अनुचित व्यवहार मानते हुए आयोग ने आदेश दिया कि बैंकेट हॉल मालिक 30 दिनों के भीतर छह प्रतिशत ब्याज सहित 1.50 लाख रुपये का भुगतान करें।

इसके अलावा आयोग ने शिकायतकर्ता को दो हजार रुपये वाद व्यय और दो हजार रुपये मानसिक पीड़ा के लिए भी देने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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