Noida Bus Shortage: पुलिस ड्यूटी में फंसी रोडवेज बसें, रूटों पर कमी से यात्री परेशान
Noida Bus Shortage: पुलिस ड्यूटी में फंसी रोडवेज बसें, रूटों पर कमी से यात्री परेशान
नोएडा, 1 मई: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन का असर अब भी आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रोडवेज की जिन बसों को पुलिस ड्यूटी में लगाया गया था, उनमें से कई अब तक डिपो को वापस नहीं मिल पाई हैं। यही वजह है कि शहर के प्रमुख रूटों पर बसों की कमी बनी हुई है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग के अनुसार, वर्तमान में करीब 10 रोडवेज बसें अभी भी पुलिस ड्यूटी में लगी हुई हैं। इनमें से ग्रेटर नोएडा डिपो की आठ बसें शामिल हैं, जिन्हें 16 अप्रैल से लगातार सुरक्षा कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा 30 अप्रैल को दो और बसें पुलिस ड्यूटी के लिए भेजी गईं, जिससे परिवहन व्यवस्था पर और दबाव बढ़ गया है।
आंदोलन के दौरान संभावित तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भारी पुलिस बल तैनात किया था। इसी दौरान दोनों डिपो से कुल 26 बसें ली गई थीं। हालांकि, इनमें से अधिकांश बसें वापस कर दी गई हैं, लेकिन जो बसें अभी भी ड्यूटी में हैं, उनकी कमी सीधे तौर पर आम यात्रियों पर पड़ रही है।
बसों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को अब लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जहां पहले 15 से 20 मिनट के अंतराल पर बसें उपलब्ध हो जाती थीं, वहीं अब 30 मिनट से लेकर एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि ऑफिस जाने और वापस लौटने में उन्हें अतिरिक्त समय लग रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
स्थानीय यात्री रामसेवक ने बताया कि अंसल मॉल के पास से नोएडा जाने के लिए बस का इंतजार करना अब मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को उन्हें करीब 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा, तब जाकर बस मिल सकी। ऐसे में रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को काफी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
ग्रेटर नोएडा डिपो के एआरएम राजेश वर्मा ने बताया कि 16 अप्रैल से आठ बसें लगातार पुलिस ड्यूटी में लगी हुई हैं और 30 अप्रैल को दो और बसें भेजी गई हैं। उन्होंने माना कि इससे कई रूटों पर यात्रियों को दिक्कत हो रही है, लेकिन स्थिति को जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल, जब तक सभी बसें डिपो को वापस नहीं मिल जातीं, तब तक यात्रियों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालकर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पटरी पर लाएगा।
