Noida: नोएडा में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत दो गिरफ्तार; 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद

Noida: नोएडा में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत दो गिरफ्तार; 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद
नोएडा। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में रेकी कर दोपहिया वाहनों की चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी की 11 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेक्टर-44 स्थित छलेरा गांव निवासी 23 वर्षीय सोनू हलदर और हरदोई के माधवगंज निवासी 20 वर्षीय नाजिम के रूप में हुई है। नाजिम वर्तमान में छलेरा गांव में किराए पर रह रहा था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सोनू इस गिरोह का सरगना है और उसी के निर्देश पर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी वारदात से पहले इलाके की रेकी करते थे और ऐसे स्थानों को चिन्हित करते थे जहां लोग अपनी बाइक घरों के बाहर या सुनसान जगहों पर बिना पर्याप्त सुरक्षा के खड़ी कर देते थे। कई दिनों तक निगरानी करने के बाद आरोपी मौका मिलते ही बाइक चोरी कर लेते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे चोरी की गई मोटरसाइकिलों को तुरंत कहीं बेचने या ले जाने के बजाय झाड़ियों और सुनसान स्थानों पर छिपाकर रख देते थे, ताकि पुलिस की नजर उन तक न पहुंच सके। एडिशनल डीसीपी मनीष सिंह ने बताया कि बरामद की गई 11 मोटरसाइकिलों में से पांच बाइक नोएडा के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी की गई थीं। बाकी छह मोटरसाइकिलों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि ये वाहन दिल्ली-एनसीआर के किन इलाकों से चोरी किए गए थे और इनके वास्तविक मालिक कौन हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी की गई बाइक का इस्तेमाल केवल बेचने के लिए नहीं करते थे, बल्कि इन्हीं वाहनों का उपयोग मोबाइल लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी किया जाता था। वारदात के बाद वे बाइक बदल देते थे, जिससे पुलिस के लिए उनकी पहचान और पीछा करना मुश्किल हो जाता था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से नशे के आदी हैं और नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता अपनाया। दोनों की शैक्षिक योग्यता पांचवीं कक्षा तक बताई गई है, लेकिन वाहन चोरी करने के लिए उन्होंने अपना अलग तरीका विकसित कर लिया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सोनू और नाजिम के खिलाफ नोएडा के विभिन्न थानों में पहले से चार-चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वाहन चोरी सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं और पहली बार गिरफ्तार नहीं हुए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने कुछ अन्य साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। पुलिस अब उन संदिग्धों की तलाश कर रही है। आशंका है कि यह गिरोह केवल दो लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार दिल्ली-एनसीआर के अन्य क्षेत्रों से भी जुड़े हो सकते हैं। एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद वाहन चोरी और मोबाइल लूट की कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल बरामद मोटरसाइकिलों के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उनके असली मालिकों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपने वाहनों को हमेशा सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें और लॉकिंग सिस्टम का इस्तेमाल अवश्य करें, ताकि वाहन चोरों को वारदात का मौका न मिल सके।





