
New Delhi : दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी गांव से 51 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का लोकार्पण किया। इन केंद्रों के शुरू होने के साथ ही राजधानी में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की कुल संख्या बढ़कर 370 हो गई है। मात्र आठ महीनों में इतनी बड़ी संख्या में आरोग्य मंदिर स्थापित कर दिल्ली ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में 322 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की भी शुरुआत की गई।

कार्यक्रम में दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, छतरपुर के विधायक करतार सिंह तंवर और निगम पार्षद सुंदर सिंह तंवर सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक जांच, दवाइयां और उपचार सेवाएं व्यवस्थित रूप से संचालित हों ताकि नागरिकों को समय पर और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य को खर्च नहीं बल्कि निवेश मानती है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल इलाज के केंद्र नहीं बल्कि रोकथाम, जागरूकता और विश्वास का विस्तार हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को उपचार के साथ प्रोमोटिव और प्रिवेंटिव स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर 370 आरोग्य मंदिर स्थापित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है और जल्द ही 1100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का लक्ष्य भी पूरा किया जाएगा।
इन केंद्रों में लगभग 80 प्रकार की निःशुल्क जांच, आवश्यक दवाइयों की मुफ्त उपलब्धता, उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएं और कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, बुजुर्गों की देखभाल और गैर-संचारी रोगों की जांच जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं। आधुनिक और मरीज-अनुकूल बुनियादी ढांचे से सुसज्जित ये केंद्र बड़े अस्पतालों में लगने वाली लंबी कतारों को कम करने में सहायक सिद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने दक्षिण दिल्ली के छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में 322 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं में सड़कों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण, नालियों का निर्माण और सुधार, ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए ढांचागत सुधार, स्कूलों का उन्नयन और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास शामिल है। महरौली-बदरपुर रोड पर 1471 करोड़ रुपये की लागत से डबल डेकर फ्लाईओवर को मंजूरी दी गई है। छतरपुर विधानसभा क्षेत्र को तीन नए स्कूलों की सौगात दी गई है और क्षेत्र में चार एलिवेटेड रोड परियोजनाएं भी स्वीकृत की गई हैं।





