
New Delhi Desk : गोवा में आयोजित इंडियन एकेडमी ऑफ बायोमेडिकल साइंस (IABS) के सम्मेलन में भारतीय चिकित्सा जगत को गौरवान्वित करने वाला क्षण देखने को मिला, जब प्रख्यात स्त्री एवं प्रजनन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र (नरेन) मल्होत्रा को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए IABS के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान बायोमेडिकल क्षेत्र में असाधारण कार्य करने वाले विशेषज्ञों को प्रदान किया जाता है।
सम्मेलन का आयोजन बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोवा कैंपस में किया गया, जिसे ICMR एवं भारत सरकार का सहयोग प्राप्त था। इस दौरान देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए, जो चिकित्सा विज्ञान में हो रही नई प्रगति को दर्शाते हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा को “AI in Assisted Reproduction” विषय पर व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने प्रजनन तकनीक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। वहीं डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने “Microbiome and Aging – A New Understanding” विषय पर व्याख्यान देते हुए आधुनिक चिकित्सा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा के कार्यों में माइक्रोबायोम हेल्थ, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज़, IVF तकनीक, गट-ब्रेन हेल्थ तथा PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) जैसे क्षेत्रों में किए गए शोध शामिल हैं, जो महिला स्वास्थ्य को नई दिशा दे रहे हैं।
डॉ. जयदीप मल्होत्रा का योगदान भी महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में अत्यंत व्यापक और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने माइक्रोबायोम रिसर्च, एजिंग एवं हार्मोनल हेल्थ, प्रजनन स्वास्थ्य, महिलाओं की समग्र स्वास्थ्य देखभाल, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी नेतृत्व क्षमता और अकादमिक योगदान ने चिकित्सा शिक्षा और क्लीनिकल प्रैक्टिस दोनों को सशक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा और डॉ. जयदीप मल्होत्रा दोनों ही फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (FOGSI) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं, जो उनके नेतृत्व और राष्ट्रीय प्रभाव को दर्शाता है।
यह उपलब्धि डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान होने के साथ-साथ डॉ. जयदीप मल्होत्रा सहित भारतीय चिकित्सा समुदाय की उस सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है, जो महिला स्वास्थ्य और प्रजनन विज्ञान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।





