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NEET UG Re-Exam: 1.38 लाख CCTV और 51 हजार जैमर से होगी निगरानी, देशभर में 22.79 लाख छात्र देंगे परीक्षा

NEET UG Re-Exam: 1.38 लाख CCTV और 51 हजार जैमर से होगी निगरानी, देशभर में 22.79 लाख छात्र देंगे परीक्षा

NEET-UG री-एग्जाम को लेकर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर नकल, पेपर लीक और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए 1.38 लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों और 51,311 जैमर की व्यवस्था की गई है। देशभर में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे।

परीक्षा से ठीक पहले मध्य प्रदेश के महू स्थित एक परीक्षा केंद्र से सीसीटीवी कैमरे चोरी होने का मामला सामने आया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे, लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो युवकों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए कैमरे बरामद कर लिए। पुलिस अब दोनों आरोपियों से कैमरे चोरी करने के पीछे के उद्देश्य को लेकर पूछताछ कर रही है।

NEET UG री-एग्जाम से पहले शनिवार को देशभर के 551 शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े सभी सिस्टम की जांच की गई। इसमें जैमर, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक जांच, तलाशी प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा गया।

NTA के अनुसार, परीक्षा के लिए देशभर में 6,669 परीक्षा केंद्रों पर ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। ग्राउंड स्तर पर करीब 2 लाख से अधिक कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। परीक्षा 95 हजार से अधिक एग्जाम रूम में आयोजित होगी और प्रत्येक कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी रोकने के लिए जैमर लगाए गए हैं। सभी केंद्रों की लाइव निगरानी सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा सामग्री को सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया गया है।

NEET री-एग्जाम के दौरान पेपर और अन्य गोपनीय सामग्री को सीलबंद व्यवस्था के तहत रखा जाएगा। परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग की जाएगी और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट भी दिया जाएगा। जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा टीमों को पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस परीक्षा को लेकर कुछ छात्रों के परीक्षा केंद्रों में बदलाव की शिकायतें भी सामने आई हैं। नागपुर के छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब ने शिकायत की थी कि उसे अबू धाबी स्थित भारतीय स्कूल में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया, जबकि उसके पास विदेश जाने के लिए पासपोर्ट नहीं है। इसके बाद NTA ने स्पष्ट किया कि परीक्षा शहर में बदलाव छात्र के रजिस्टर्ड लॉगिन से किया गया था। हालांकि छात्र के अनुरोध पर बाद में उसका केंद्र नागपुर कर दिया गया।

इसी तरह भुवनेश्वर की एक छात्रा को करीब 2300 किलोमीटर दूर देहरादून परीक्षा केंद्र दिया गया था, जिसे बाद में सुधार दिया गया। NTA ने कहा है कि छात्रों को किसी भी परेशानी से बचाने के लिए आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।

NEET UG री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को लेकर NTA ने एडमिट कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है। एजेंसी ने कहा है कि जिन छात्रों ने नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है, उन्हें दोबारा इसे डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। वहीं 3 मई को जारी किया गया पुराना एडमिट कार्ड अब मान्य नहीं होगा।

NTA के मुताबिक परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन और पेपर मोड में आयोजित होगी। दिव्यांग और विशेष श्रेणी के छात्रों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा और वे शाम 6:20 बजे तक परीक्षा पूरी कर सकेंगे।

इस बार परीक्षा में सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर बिजली बैकअप, पंखे, रोशनी, पीने का पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है। छात्र पारदर्शी पानी की बोतल साथ ले जा सकेंगे। डायबिटिक छात्रों को शुगर टैबलेट और केला, सेब या संतरा जैसे फल लाने की अनुमति दी गई है।

धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले और फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले छात्रों को जांच प्रक्रिया के लिए पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। NTA ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी है ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं को फैलने से रोका जा सके।

NEET री-एग्जाम की जरूरत 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा के बाद उठे विवादों के कारण पड़ी थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया।

देश के कई राज्यों ने भी छात्रों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। दिल्ली में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए कूलिंग जोन, पानी और ORS की व्यवस्था की गई है।

मध्य प्रदेश में छात्रों की सुविधा के लिए इंदौर, भोपाल और रतलाम को जोड़ने वाली विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। तेलंगाना में छात्र राज्य परिवहन निगम की बसों में NEET हॉल टिकट दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। वहीं महाराष्ट्र में मुंबई की सभी लोकल ट्रेनें निर्धारित शेड्यूल के अनुसार चलेंगी और किसी रूट पर मेगा ब्लॉक नहीं होगा।

NTA ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी अफवाह या संदिग्ध संदेश से बचें। एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ आयोजित कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

 

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