Noida Power Survey: बिजली उपकरणों की निगरानी के लिए सर्वे शुरू, GPS मैपिंग से तुरंत ठीक होंगे फॉल्ट

Noida Power Survey: बिजली उपकरणों की निगरानी के लिए सर्वे शुरू, GPS मैपिंग से तुरंत ठीक होंगे फॉल्ट

जिले में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए विद्युत निगम ने बड़ा कदम उठाया है। अब पूरे जिले में बिजली उपकरणों की निगरानी के लिए व्यापक सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस सर्वे के तहत बिजली उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों, लाइनों, पैनल बॉक्स और खंभों की जीपीएस के जरिए मैपिंग की जाएगी, जिससे किसी भी फॉल्ट को तुरंत पहचानकर ठीक किया जा सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, जिले में 150 से अधिक बिजली उपकेंद्र और करीब 24 हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। इनमें से लगभग 18 हजार ट्रांसफार्मर नोएडा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जबकि ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर और दनकौर क्षेत्रों में करीब 6 हजार ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बिजली के खंभे और पैनल बॉक्स भी पूरे क्षेत्र में फैले हुए हैं, जिनकी अब डिजिटल मैपिंग की जा रही है।

जीपीएस आधारित इस मैपिंग के पूरा होने के बाद अधिकारियों के कंप्यूटर सिस्टम पर शहर के करीब 180 सेक्टर और 60 से अधिक गांवों की बिजली व्यवस्था का पूरा डेटा उपलब्ध हो जाएगा। इसमें यह भी जानकारी होगी कि किस ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली सप्लाई हो रही है और किसी सेक्टर पर कितना लोड है। इससे बिजली वितरण प्रणाली को बेहतर तरीके से समझने और प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी क्षेत्र में बिजली संबंधी समस्या आती है, तो उसकी जानकारी तुरंत मैप पर दिख जाएगी। इससे संबंधित टीम को तुरंत मौके पर भेजा जा सकेगा और समस्या का तेजी से समाधान किया जा सकेगा। इतना ही नहीं, अगर कहीं बिजली चोरी हो रही होगी या अचानक लोड बढ़ेगा, तो वह भी सिस्टम में नजर आ जाएगा, जिससे ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं को समय रहते रोका जा सकेगा।

सर्वे के दौरान सभी ट्रांसफार्मरों को एक यूनिक कोड नंबर दिया जा रहा है, जिससे उन्हें शहर के डिजिटल नक्शे से जोड़ा जा सके। जीपीएस तकनीक के माध्यम से हर खंभे, ट्रांसफार्मर और पैनल बॉक्स की सटीक लोकेशन रिकॉर्ड की जा रही है, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की तकनीकी समस्या का समाधान तेज और सटीक तरीके से किया जा सके।

विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) विवेक कुमार पटेल ने बताया कि इस सर्वे का उद्देश्य सभी बिजली उपकरणों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना है, ताकि पूरे सिस्टम की निगरानी आसानी से की जा सके। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और तकनीकी खामियों को जल्द दूर किया जा सकेगा।

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