Nature Bazaar Delhi Fire: दिल्ली के नेचर बाजार में भीषण आग, करीब 50 दुकानें जलकर खाक, करोड़ों का नुकसान

Nature Bazaar Delhi Fire: दिल्ली के नेचर बाजार में भीषण आग, करीब 50 दुकानें जलकर खाक, करोड़ों का नुकसान
रिपोर्ट: रवि डालमिया
दिल्ली के छतरपुर स्थित नेचर बाजार में सुबह भीषण आग लगने से भारी नुकसान हो गया। दिल्ली सरकार के टूरिज्म विभाग के इस प्रसिद्ध हस्तशिल्प बाजार में लगी आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया, जिससे अलग-अलग राज्यों के करीब 50 स्टॉल और दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इस हादसे में दुकानदारों का करोड़ों रुपये का माल जल गया है और अब प्रभावित व्यापारी सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, आग रविवार सुबह लगभग 6 बजे के आसपास लगी। उस समय बाजार में कोई मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों ने दूर से उठता धुआं देखा तो करीब 7:30 बजे फायर विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के लिए कुल 9 फायर टेंडर लगाए गए। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
नेचर बाजार दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक खास बाजार है, जहां देश के अलग-अलग राज्यों के कारीगर और व्यापारी अपने पारंपरिक उत्पाद, हस्तशिल्प, कपड़े और ग्रोसरी से जुड़े स्टॉल लगाते हैं। यहां अक्सर सांस्कृतिक और हस्तशिल्प से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इन दिनों नेचर बाजार में 6 से 16 मार्च तक “दस्तकार” नाम से एक विशेष आयोजन चल रहा था। इस कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न हिस्सों से आए कारीगरों और दुकानदारों ने अपने स्टॉल लगाए थे और बड़े स्तर पर तैयारियां की थीं। लेकिन अचानक लगी इस भीषण आग ने उनकी सारी मेहनत को कुछ ही घंटों में राख में बदल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद शुरुआत में स्थानीय लोगों और बाजार से जुड़े कुछ लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पूरे बाजार को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद दमकल विभाग को बुलाया गया और बड़े स्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया।
हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कई दुकानदारों का कहना है कि उनकी जीवनभर की पूंजी इस आग में जलकर खत्म हो गई है। अब वे दिल्ली सरकार से उचित मुआवजा और सहायता की मांग कर रहे हैं, ताकि वे फिर से अपना कारोबार शुरू कर सकें।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आ सकेगी। वहीं प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि सरकार इस घटना के बाद उन्हें किस प्रकार की राहत प्रदान करती है।





