Viksit Bharat Youth Parliament 202: विकसित भारत@2047 के संकल्प को युवा देंगे नई दिशा : ओम बिरला

Viksit Bharat Youth Parliament 202: विकसित भारत@2047 के संकल्प को युवा देंगे नई दिशा : ओम बिरला
राष्ट्रीय स्तर के ‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026’ का शुभारंभ, देशभर के युवा प्रतिनिधियों ने रखे विचार
नई दिल्ली। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की भूमिका को केंद्र में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर के ‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026’ का शुभारंभ मंगलवार को नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। देशभर के 757 विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों से चयनित युवा प्रतिनिधियों ने इस आयोजन में भाग लिया। युवाओं ने विकसित भारत@2047 के विजन, नवाचार, शिक्षा, रोजगार, तकनीक, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नीति निर्माण और लोकतांत्रिक संवाद की प्रक्रिया से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य के भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि देश के युवा इस लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं और आने वाले वर्षों में विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान, नवाचार तथा उद्यमिता के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही जनसांख्यिकीय शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और रचनात्मक सोच को सही दिशा मिले तो विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत@2047 विजन को साकार करने के लिए युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से देशभर में एक लाख युवा नेताओं को तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मांडविया ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी यानी जेन जी के पास नई सोच, नई तकनीक और बदलाव लाने की अद्भुत क्षमता है। युवाओं का जोश, जुनून और नवाचार आधारित दृष्टिकोण राष्ट्र निर्माण की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता है और उन्हें अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
तीन दिवसीय यह राष्ट्रीय आयोजन 15 जून से 17 जून तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा, विचार-विमर्श, प्रस्तुतीकरण और संवाद सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें शामिल युवा प्रतिनिधि विकसित भारत के लिए अपने सुझाव और दृष्टिकोण साझा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मंच युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली समझने, नेतृत्व कौशल विकसित करने और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे युवाओं में जिम्मेदार नागरिकता की भावना मजबूत होती है और वे राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय रूप से भागीदारी कर पाते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश के युवा शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़कर योगदान देंगे। इसी सोच के साथ विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 को युवाओं और राष्ट्र के भविष्य के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में देखा जा रहा है।





