
नई दिल्ली, 2 अप्रैल : 6 मेगावाट मध्यम गति समुद्री डीजल इंजन के डिजाइन और विकास के लिए भारतीय नौसेना और किर्लोस्कर ऑयल इंजन लिमिटेड ने बुधवार को रक्षा मंत्रालय के परियोजना स्वीकृति आदेश पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार और नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन मौजूद रहे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 50% से अधिक स्वदेशी सामग्री वाले प्रोटोटाइप डीजल इंजन को मेक-I श्रेणी के तहत भारत सरकार से 70% फंडिंग प्रदान की जाएगी। जिसके लिए 270 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस आदेश में 3-10 मेगावाट डीजल इंजन के लिए विस्तृत डिजाइन का विकास भी शामिल है।
विकसित इंजनों का उपयोग भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के जहाजों पर मुख्य प्रणोदन और बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। यह इंजन स्वदेशी क्षमताओं को और मजबूत करेगा, विदेशी मुद्रा बचाएगा और विदेशी ओईएम पर निर्भरता कम करेगा। यह देश में रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए उत्प्रेरक का भी काम करेगा।
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