
नई दिल्ली, 19 फरवरी : भारत-मिस्र संयुक्त विशेष बल अभ्यास साइक्लोन-III के तीसरे संस्करण के तहत दोनों पक्षों के सैनिक कठोर युद्ध प्रशिक्षण और सामरिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
यह अभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहा है जहां सेना को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर भी मिल रहा है। साथ ही मिस्र की टुकड़ी को भारत की अत्याधुनिक सैन्य तकनीक और हथियार प्रणालियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो रहा है। इस तरह के सहयोग न केवल सामरिक क्षमताओं को बढ़ाते हैं बल्कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य संबंधों को भी गहरा करते हैं।
इस अभ्यास में सैनिकों को क्लोज क्वार्टर बैटल (सीक्यूबी) ड्रिल, सर्वाइवल तकनीक, विध्वंस प्रशिक्षण और लड़ाकू चिकित्सा कौशल के क्षेत्र में संयुक्त प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। ये अभ्यास सैनिकों की जटिल परिचालन परिदृश्यों, विशेष रूप से रेगिस्तान और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। बीते 10 फरवरी से शुरू 14 दिवसीय सैन्य अभ्यास का समापन 23 फरवरी को होगा।
यह अभ्यास 48 घंटे के गहन सत्यापन चरण में समाप्त होगा, जिसके दौरान दोनों दल नकली आतंकवाद-रोधी (सीटी) ऑपरेशन करेंगे। अंतिम चरण उच्च दबाव वाले वातावरण में सामरिक युद्धाभ्यास की योजना बनाने और उसे अंजाम देने की सैनिकों की क्षमता का कठोर परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस खंड में सैनिक संयुक्त सामरिक अभ्यास करते हुए, नकली खतरों को बेअसर करते हुए और यथार्थवादी परिचालन सेटिंग में अपने सीखे हुए कौशल को लागू करते हुए दिखाई देंगे।
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