
Malaria Elimination : मलेरिया उन्मूलन के लिए वैश्विक सहयोग पर जोर, दिल्ली में सम्मेलन संपन्न
नई दिल्ली, 10 मार्च : मलेरिया उन्मूलन और सार्वजनिक स्वास्थ्य में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंटरनेशनल मलेरिया कॉन्फ्रेंस 2026 का तीन दिवसीय आयोजन 7 से 9 मार्च तक नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च द्वारा आयोजित किया गया। इसमें भारत सहित विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नीति निर्माता और शोधकर्ताओं ने भाग लेकर मलेरिया उन्मूलन की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
‘डिस्कवरी, डेवलपमेंट एंड डिलीवरी: ड्राइविंग मलेरिया एलिमिनेशन एंड बियॉन्ड’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वैज्ञानिक नवाचार, अनुसंधान और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के माध्यम से मलेरिया के मामलों को कम करने और अंततः इसे समाप्त करने पर जोर दिया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. अनूप अन्वीकर ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के लिए शोध संस्थानों, राष्ट्रीय कार्यक्रमों और वैश्विक साझेदारों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है।
सम्मेलन में मलेरिया नियंत्रण के उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल की निदेशक डॉ. तनु जैन ने कहा कि मलेरिया के मामलों की निगरानी प्रणाली को मजबूत करना, शीघ्र जांच और उपचार सुनिश्चित करना और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है। सम्मेलन में मलेरिया परजीवी की जीवविज्ञान, दवा प्रतिरोध, नई जांच तकनीक, वैक्सीन अनुसंधान और सामुदायिक रणनीतियों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए।
युवा शोधकर्ताओं और छात्रों को अपने शोध प्रस्तुत करने का भी अवसर मिला, जिससे नए विचार और नवाचार साझा किए जा सके। सम्मेलन के समापन सत्र में उपस्थित विशेषज्ञों ने मलेरिया मुक्त विश्व के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयास तेज करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेषज्ञों का कहना है कि मलेरिया उन्मूलन केवल एक राष्ट्रीय प्रयास नहीं बल्कि वैश्विक सहयोग के माध्यम से ही संभव है। अनुसंधान, नवीन तकनीक, नीति और सामुदायिक भागीदारी के संयोजन से दुनिया में मलेरिया मुक्त भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।




