Kalupura Murder Case: खेत में मिला लापता युवक का शव, बड़े भाई पर हत्या का आरोप

Kalupura Murder Case: खेत में मिला लापता युवक का शव, बड़े भाई पर हत्या का आरोप
नोएडा। रबूपुरा थाना क्षेत्र के गांव कलूपुरा में पांच दिन से लापता युवक का शव गन्ने के खेत में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 32 वर्षीय सुखदेव के रूप में हुई है। परिजनों ने बड़े भाई पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गांव कलूपुरा निवासी सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि उनका छोटा बेटा सुखदेव 17 फरवरी की सुबह खेत में पानी लगाने के लिए गया था, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटा। परिवार ने आसपास के इलाकों में तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार को ग्रामीणों ने खेत में एक शव पड़ा देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान सुखदेव के रूप में कराई।
पिता सुरेश चंद ने आरोप लगाया कि बड़े बेटे हरकेश से मुआवजे के रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि करीब पौन बीघा जमीन अधिग्रहण के बदले उन्हें 32 लाख रुपये मुआवजा मिला था। यह राशि दोनों बेटों में बांट दी गई थी। हरकेश की शादी हो चुकी होने के कारण उसे साढ़े चार लाख रुपये अतिरिक्त भी दिए गए थे। इसके बावजूद वह बाकी रकम पर भी दावा कर रहा था और छोटे भाई से विवाद करता था।
परिवार का कहना है कि हरकेश ने कई बार सुखदेव को जान से मारने की धमकी दी थी। यहां तक कि घटना से पहले उसने अपनी मां से कहा था कि रोने के लिए तैयार रहना। सुखदेव फरीदाबाद में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और विवाद के चलते अधिकतर वहीं रहता था। हाल ही में उसकी शादी की बातचीत शुरू हुई थी, जिसके बाद परिवार के अनुसार विवाद और बढ़ गया था।
परिजनों ने यह भी बताया कि सुखदेव के लापता होने के बाद जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने जा रहे थे, तो हरकेश को साथ चलने के लिए कहा गया। इसके बाद वह भी गायब हो गया और दो दिन से उसका कोई पता नहीं है। शव मिलने के बाद बड़ा भतीजा हिमांशु भी घर से फरार हो गया।
पुलिस ने सुरेश चंद की शिकायत पर हरकेश, उसके बेटे हिमांशु और ससुर अनिल निवासी जेवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हरकेश की पत्नी उमेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। थाना प्रभारी श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें दो दिन तक अलग-अलग थानों के चक्कर लगवाए गए। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद सुखदेव की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





