International Yoga Day: योग दिवस पर 3 करोड़ से अधिक लोगों ने की भागीदारी, ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ बना वैश्विक अभियान

International Yoga Day: योग दिवस पर 3 करोड़ से अधिक लोगों ने की भागीदारी, ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ बना वैश्विक अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इस वर्ष एक बड़े वैश्विक जन आंदोलन के रूप में सामने आया। ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर आयोजित योग कार्यक्रमों में भारत सहित दुनिया के कई देशों में करोड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। योग दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से लेकर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय तक योग की गूंज सुनाई दी।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग संगम पोर्टल पर देश के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 780 जिलों से 3.07 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी दर्ज की गई। इसके अलावा 7.64 लाख से अधिक संस्थानों ने इस अभियान से जुड़कर योग को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रेड रोड पर आयोजित मुख्य समारोह में लगभग 35 हजार लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर योग को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए देश और दुनिया के लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि योग आज पूरी मानवता को जोड़ने वाला माध्यम बन चुका है और यह शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
भारत के अलावा अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, मिस्र सहित कई देशों में योग दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से लेकर यूरोप, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और पूर्वी एशिया के कई शहरों में लोगों ने सामूहिक योग सत्रों में भाग लिया।
देश में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भी योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने लेह में आयोजित समारोह में योग किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में सांसदों के साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
इस वर्ष योग दिवस का विशेष आकर्षण ‘गंगोत्री से गंगासागर’ अभियान रहा। इसके तहत लगभग 2,525 किलोमीटर लंबे मार्ग पर गंगा तटों के किनारे योग और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान के माध्यम से लोगों को योग के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
इसके अलावा देश के कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। लाल किला, हर की पौड़ी, कोणार्क सूर्य मंदिर, हम्पी, महाबलीपुरम, सारनाथ, चारमीनार, गेटवे ऑफ इंडिया और नालंदा जैसे प्रमुख स्थान योग गतिविधियों के केंद्र बने।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों ने भी विशेष भागीदारी दिखाई। सियाचिन ग्लेशियर से लेकर कन्याकुमारी तक और समुद्र में तैनात नौसैनिक प्लेटफॉर्म पर जवानों ने योग अभ्यास किया। सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों ने योग के माध्यम से फिटनेस और अनुशासन का संदेश दिया।
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के 8.30 लाख से अधिक कैडेटों ने भी देशभर में 5,000 से ज्यादा स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लिया। युवाओं की इस भागीदारी ने योग को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
योग दिवस के आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि योग केवल भारत की प्राचीन परंपरा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का माध्यम बन चुका है। करोड़ों लोगों की भागीदारी ने इसे एक वैश्विक स्वास्थ्य अभियान का रूप दे दिया है।




