Hapur News : हापुड़ में सौतेली मां और उसके प्रेमी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, 5 साल के बच्चे की हत्या की थी
जिले के थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव पसवाड़ा में फरवरी 2020...

Hapur News : (शाहरुख़ खान) जिले के थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव पसवाड़ा में फरवरी 2020 में 5 वर्षीय मासूम की उसकी सौतेली मां और उसके प्रेमी ने गला दबाकर हत्या कर शव संदूक में छिपा दिया था। इस घटना में कोर्ट ने शुक्रवार को फैसले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम, हापुड़ मिताली गोविंद राव ने सौतेली मां और उसके प्रेमी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
क्या है पूरी घटना
दरअसल, इस मामले में एडीजीसी करुणा नागर ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव पसवाड़ा निवासी फकरू ने थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया गया कि उसकी पत्नी का देहांत हो गया था उससे उसके 5 बच्चे हैं और उसी दौरान करीब 9 महीने पहले उसने पिलखुवा निवासी शबाना से निकाह कर लिया था। शबाना अपने पहले पति से दो बच्चे साथ लेकर आई थी। शबाना उसके गांव पसवाड़ा में तीन-चार महीने रही। वह डासना में करीब 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बेलदारी करता है। इतने कम पैसे की वजह से वह अपनी पत्नी को डासना नहीं ले जा सका। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया और शबाना अपने दोनो बच्चे लेकर अपने मायके पिलखुवा चली गई।
शव बक्से में छिपाया
बताया गया कि 18 फरवरी को अचानक अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर गांव पसवाड़ा पहुंच गई। 20 फरवरी 2020 को वह सुबह 6 बजे मजदूरी के लिए डासना जा रहा था तो शबाना ने चलने की जिद की तो उसने मना कर दिया, इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। इसी बात को लेकर 20 फरवरी को उसकी पत्नी ने 5 वर्षीय बेटे मारूफ की हत्या करके शव को लोहे के बक्से में छिपाकर बाहर से कमरे का ताला लगा दिया। जब उसका बेटा मारूफ नहीं मिला तो गांव के जमालु, यासीन और गाजियाबाद निवासी फिरोज ने उसके बेटे मारूफ को काफी तलाश करने के बाद उसकी पत्नी शबाना से चाबी लेकर कमरा खुलवाकर संदुक (बक्सा) को देखा तो उसके बेटे मारूफ की शव बक्से में था, इससे पहले भी शबाना ने उसकी पहली पत्नी के बच्चे को जहर देकर मारने की कोशिश की थी। वहीं बहादुरगढ़ पुलिस ने पीड़ित की तहरीर मुकदमा दर्ज कर शबाना और उसके प्रेमी जिला बुलंदशहर निवासी नसीर को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया।
मामले में आया फैसला
एडीजीसी करुणा नागर ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम, हापुड़ मिताली गोविंद राव ने मुकदमें की सुनवाई करते हुए गांव पसवाड़ा निवासी शबाना और कस्बा खानपुर जिला बुलन्दशहर निवासी नसीर को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302/34 के अन्तर्गत दंडनीय अपराध के आरोप में दोषसिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को अंकन 20,000-20,000- रूपये के अर्थदंड से दंडित किया और अर्थदंड अदा न करने की दशा में अभियुक्तगण 6-6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगेंगे। भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के अन्तर्गत अभियुक्त शबाना और नसीर को दोषसिद्ध करते हुए 5 वर्ष कारावास एवं प्रत्त्येक को 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तगण दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगेंगे। उपरोक्त सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।