
IAS Parth Gupta: डीसी रहते आईएएस अधिकारी पार्थ गुप्ता ने पेश की संवेदनशील प्रशासन की मिसाल, 100 गरीब परिवारों को मिली सुरक्षित छत
रिपोर्ट : कोमल रमोला
चंडीगढ़। जब प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ मानवीय संवेदनशीलता जुड़ती है, तब शासन आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का माध्यम बनता है। यमुनानगर में तत्कालीन उपायुक्त रहे आईएएस अधिकारी पार्थ गुप्ता ने ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके प्रयासों से जिले के 100 गरीब और जरूरतमंद परिवारों के मकानों की छतों का निर्माण और मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया। इस सराहनीय पहल को राज्य स्तर पर पहचान मिली और इसे “सुशासन पुरस्कार योजना 2025” के अंतर्गत सम्मानित किया गया है।
बारिश, धूप और ठंड में जर्जर या कच्ची छतों के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर गरीब परिवारों की पीड़ा को समझते हुए पार्थ गुप्ता ने इस समस्या को प्राथमिकता के साथ उठाया। उनके मार्गदर्शन में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से एक ठोस पहल की गई, जिसके तहत जिले में 100 पात्र परिवारों के मकानों की छतों का निर्माण और मरम्मत का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी परिवार बिना सुरक्षित छत के न रहे और भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जा सके।
इस पहल को सफल बनाने के लिए पार्थ गुप्ता के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों को साथ जोड़ा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत शुरू की गई इस योजना में जिला प्रशासन और निजी कंपनियों का प्रभावी सहयोग देखने को मिला। अंडर ट्रेनिंग आईएएस सुमन यादव के सहयोग से अब तक लगभग 40 लाख रुपये की लागत से यह कार्य पूरा किया गया। इस्जेक और जमना ऑटो जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने इस मानवीय प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस अभिनव योजना की सफलता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इसे “सुशासन पुरस्कार योजना 2025” के अंतर्गत राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। 25 दिसंबर को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुनानगर के अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, एसडीओ पंचायती राज राजेश कुमार शर्मा और जेई पंचायती राज नरेश कुमार रोहिला को 51-51 हजार रुपये की नकद राशि, स्मृति चिन्ह और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। यह पुरस्कार राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत “हर घर छत योजना” के लिए प्रदान किया गया।
आईएएस अधिकारी पार्थ गुप्ता ने बताया कि उपायुक्त रहते हुए उनके पास अक्सर गरीब परिवार छत निर्माण या क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए सहायता की गुहार लगाते थे। इन्हीं समस्याओं से प्रेरित होकर उन्होंने निजी क्षेत्र से सहयोग की अपील की, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया। योजना के क्रियान्वयन में कई चुनौतियां आईं, लेकिन अधिकारियों के आपसी समन्वय, मजबूत टीम भावना और स्पष्ट नेतृत्व के कारण सभी बाधाओं को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया। इस योजना से लाभान्वित परिवारों ने जिला प्रशासन और सरकार की इस पहल की खुले दिल से सराहना की है।
वर्तमान में आईएएस अधिकारी पार्थ गुप्ता हरियाणा सरकार में खेल विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें पर्यटन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इन भूमिकाओं में रहते हुए वे प्रदेश में खेलों के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।





