Holi 2026: होली से पहले खोया की मांग में उछाल, मिलावट रोकने के लिए छापेमारी तेज, 14 हजार किलो खाद्य पदार्थ सील

Holi 2026: होली से पहले खोया की मांग में उछाल, मिलावट रोकने के लिए छापेमारी तेज, 14 हजार किलो खाद्य पदार्थ सील
नोएडा। होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है और खासतौर पर गुजिया व अन्य पारंपरिक मिठाइयों के लिए खोया की मांग कई गुना बढ़ गई है। ग्रेटर नोएडा समेत पूरे दिल्ली एनसीआर में बुलंदशहर और अलीगढ़ जैसे आसपास के जिलों से बड़े पैमाने पर खोया, दूध और पनीर की सप्लाई की जा रही है। मांग में अचानक आई तेजी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है।
जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमें लगातार बाजारों, डेयरी प्रतिष्ठानों और मिठाई की दुकानों पर छापेमारी कर रही हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि अब तक खोया में गुणवत्ता की गंभीर कमी सामने नहीं आई है, फिर भी एहतियातन पिछले पांच दिनों में पांच से छह स्थानों से खोया के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं।
विभाग की सक्रियता केवल खोया तक सीमित नहीं है। दूध से बनी मिठाइयों, पनीर, रिफाइंड तेल, सरसों तेल और अन्य खाद्य तेलों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार पिछले पांच दिनों में करीब 50 से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। इनमें से लगभग 14 हजार किलो खाद्य सामग्री को संदिग्ध पाए जाने पर सील कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग का दावा है कि अब तक लगभग 500 किलो मिलावटी खाद्य पदार्थ नष्ट कराए जा चुके हैं, हालांकि इनमें खोया शामिल नहीं है। विभाग का कहना है कि त्योहार के दौरान मिलावट की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए विशेष सैंपलिंग अभियान चलाया जा रहा है।
सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वितीय सर्वेश मिश्रा के मुताबिक, होली से पहले मिलावट पर लगाम लगाने के लिए टीमों को लगातार छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं। ग्रेटर नोएडा के तिलपता गांव स्थित चौधरी पनीर भंडार से करीब 200 किलोग्राम मिलावटी और दूषित पनीर जब्त किया गया, जिसे प्राथमिक जांच में मानकों पर खरा न उतरने के कारण मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पनीर का एक नमूना प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया है।
इसी तरह मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट्स से खोया, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों के नमूने लेकर जांच कराई जा रही है। जहां भी खाद्य सामग्री संदिग्ध या दूषित पाई जा रही है, उसे तत्काल नष्ट कराया जा रहा है।
विभाग ने खाद्य तेलों की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी रखी है। रिफाइंड और सरसों तेल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की चेकिंग कर मिलावटी खाद्य पदार्थों की सप्लाई रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
त्योहार के मद्देनजर प्रशासन की यह सख्ती उपभोक्ताओं की सेहत को सुरक्षित रखने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। हालांकि बाजार में बढ़ती मांग के बीच असली और मिलावटी उत्पादों की पहचान करना उपभोक्ताओं के लिए अब भी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में विभाग ने लोगों से अपील की है कि केवल विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदारी करें और संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
