Himachal Cabinet Decisions 2026,: हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले पंचायत चुनाव नियमों में बदलाव, 15 जलविद्युत परियोजनाएं रद्द, हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा में बढ़ोतरी

Himachal Cabinet Decisions 2026,: हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले: पंचायत चुनाव नियमों में बदलाव, 15 जलविद्युत परियोजनाएं रद्द, हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा में बढ़ोतरी
शिमला में मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक निर्णय लिए गए। इन फैसलों का असर पंचायत चुनाव, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, ऊर्जा परियोजनाओं, शिक्षा, पुलिस व्यवस्था और परिवहन सेवाओं समेत कई क्षेत्रों पर पड़ेगा।
मंत्रिमंडल ने Himachal Pradesh Panchayati Raj (Election) Rules, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में संशोधन के प्रस्ताव को जनता के सुझाव और आपत्तियों के लिए जारी करने का फैसला किया। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार वर्ष 2010 को आधार वर्ष मानते हुए जो पंचायतें लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को अधिक संतुलित और पारदर्शी बनाना है।
बैठक में Himachal Pradesh Social Security Pension Rules, 2010 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत ‘निराश्रित’ शब्द को अधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार वे महिलाएं, जिन्हें उनके पति छोड़ चुके हैं, जो उनके साथ नहीं रहतीं और जिनकी आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, उन्हें निराश्रित महिला माना जाएगा और वे पेंशन का लाभ ले सकेंगी।
कैबिनेट ने Swarna Jayanti Energy Policy के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 40 प्रतिशत हिस्सा “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” को वित्तीय सहायता देने के लिए निर्धारित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही एकमुश्त माफी योजना का लाभ लेने के बावजूद समय पर काम शुरू न करने वाली 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने की भी स्वीकृति दे दी गई।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े एक अन्य फैसले में पंडोह में 10 मेगावाट क्षमता की लघु जलविद्युत परियोजना को Bhakra Beas Management Board को आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इस परियोजना से राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और अतिरिक्त 5 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त होगी। साथ ही उपयोग में न लाई गई भूमि राज्य सरकार को वापस करने की शर्त भी रखी गई है।
मंत्रिमंडल ने ग्रामीण पेयजल ढांचे के बेहतर संचालन के लिए सिंगल विलेज स्कीम और मल्टी विलेज स्कीम के तहत स्थापित अधोसंरचना को संचालन एवं रख-रखाव नीति के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को सौंपने की स्वीकृति दी।
डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादकों को शामिल करते हुए ढगवार में क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई। साथ ही ढगवार दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के संचालन और प्रबंधन के लिए National Dairy Development Board को प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए Chandigarh–Shimla–Chandigarh हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर बारह करने की मंजूरी दी गई। अब सप्ताह में छह दिनों तक प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित होंगी और इनके संचालन को सुचारु रखने के लिए राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग भी उपलब्ध कराएगी।
कैबिनेट ने Jal Jeevan Mission के अंतर्गत जल शक्ति विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन राज्य सरकार के संसाधनों से देने का निर्णय भी लिया, क्योंकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस मिशन के तहत धनराशि जारी नहीं की गई है।
रोजगार और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 कनिष्ठ सहायक प्रवक्ताओं के पद भरने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा सहकारिता विभाग में सहायक पंजीयक सहकारी समिति के दो और निरीक्षक सहकारी समिति के 30 पदों को भरने का निर्णय लिया गया।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग के खेल छात्रावासों में 16 कोच के पद भरने की स्वीकृति दी गई। साथ ही सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के तीन पद भरने को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने Hamirpur, Himachal Pradesh जिले के खरीड़ी स्थित खेल छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 100 बिस्तर करने और इसे राज्य स्तरीय खेल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। वहीं Una, Himachal Pradesh जिले के गगरेट में उप-मंडलीय पुलिस कार्यालय स्थापित करने और इसके लिए आवश्यक पद सृजित करने की भी स्वीकृति दी गई।
शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण फैसले के तहत Kotkhai, Himachal Pradesh में नया केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए भूमि Ministry of Education, India को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार पुलिस जिला Nurpur, Himachal Pradesh में कोटला पुलिस पोस्ट को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टाहलीवाल स्थित फायर पोस्ट को उप-अग्निशमन केंद्र में स्तरोन्नत करने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा वर्ष 2016 में चयनित पटवारी पद के शेष सात अभ्यर्थियों को लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों में रिक्त पदों पर नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया।
मंत्रिमंडल ने Himachal Pradesh Housing and Urban Development Authority के पक्ष में 80 वर्ष की भूमि लीज देने के लिए Himachal Pradesh Lease Rules, 2013 के नियम 7 में संशोधन करने की भी स्वीकृति दी। पहले राज्य सरकार अधिकतम 40 वर्ष के लिए ही भूमि लीज पर दे सकती थी।
इसके साथ ही सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जल वाहकों, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक सात वर्ष अंशकालिक और चार वर्ष दैनिक वेतनभोगी के रूप में कुल 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनकी सेवाओं को नियमित करने का भी निर्णय लिया गया।


