Noida Lawyers Strike: रविवार को रजिस्ट्री कार्यालय खोलने के फैसले के विरोध में अधिवक्ता हड़ताल पर, दिनभर सूना रहा उप-निबंधन कार्यालय

Noida Lawyers Strike: रविवार को रजिस्ट्री कार्यालय खोलने के फैसले के विरोध में अधिवक्ता हड़ताल पर, दिनभर सूना रहा उप-निबंधन कार्यालय

नोएडा में रविवार को रजिस्ट्री कार्यालय खोलने के सरकारी फैसले के विरोध में अधिवक्ताओं ने हड़ताल कर दी, जिसके कारण सेक्टर-33ए स्थित उप-निबंधन कार्यालय पूरे दिन लगभग खाली पड़ा रहा। शनिवार को बिना किसी सार्वजनिक अवकाश के कार्यालय में कामकाज ठप रहा और एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इससे रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।

सुबह से ही कई लोग अपने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने के लिए उप-निबंधन कार्यालय पहुंचे थे। वहीं कर्मचारी भी नियमित समय पर कार्यालय में मौजूद थे और काम शुरू होने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते रजिस्ट्री का कोई भी काम नहीं हो सका। स्थिति यह रही कि दोपहर तक कार्यालय लगभग पूरी तरह खाली हो गया और कर्मचारी भी बिना काम के ही वापस लौट गए।

दरअसल, नोएडा बार एसोसिएशन ने सरकार के उस फैसले का विरोध किया है, जिसमें रजिस्ट्री विभाग को रविवार को भी खुला रखने का निर्णय लिया गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह फैसला न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक है।

नोएडा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण डेढ़ा ने बताया कि रविवार को रजिस्ट्री से जुड़े कई कामों के लिए नकद भुगतान की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बैंक और एटीएम बंद रहने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कई अन्य सरकारी विभाग भी रविवार को लगभग निष्क्रिय रहते हैं, जिससे जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करना मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने कहा कि जब अन्य विभाग रविवार को बंद रहते हैं, तब सिर्फ रजिस्ट्री कार्यालय को खोलने का निर्णय व्यावहारिक नहीं है और यह जनहित में भी नहीं है। इसी मांग को लेकर बार एसोसिएशन की ओर से पिछले सप्ताह एआईजी प्रथम अरुण कुमार शर्मा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया था, जिसमें इस निर्णय को वापस लेने की मांग की गई थी।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक अधिवक्ताओं का विरोध जारी रह सकता है। हड़ताल के चलते न केवल कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा बल्कि अधिवक्ताओं के चैंबर हॉल भी खाली नजर आए।

इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ा। कई लोग दूर-दराज से अपने संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने के लिए आए थे, लेकिन काम न होने के कारण उन्हें बिना रजिस्ट्री कराए ही वापस लौटना पड़ा।

गौरतलब है कि सेक्टर-33 स्थित इस उप-निबंधन कार्यालय में रोजाना औसतन 150 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं। इसके अलावा अन्य सरकारी कागजी कार्यों के लिए रोजाना लगभग 2 से 3 हजार लोग अधिवक्ताओं के पास पहुंचते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण पूरे दिन कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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