
Haryana PWD: लोक निर्माण विभाग को एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करे सरकार: रणबीर गंगवा
रिपोर्ट : कोमल रमोला
चंडीगढ़। हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा है कि प्रदेश में भवन और सड़कों की गुणवत्ता एक समान और उच्च स्तर की होनी चाहिए तथा लोक निर्माण विभाग को स्वयं को एक भरोसेमंद और मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की प्राथमिकता जनता की सुविधा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बुधवार को हरियाणा निवास में आयोजित लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री रणबीर गंगवा ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अंतर्गत सड़कों, रोड मार्किंग, प्रस्तावित मॉडल रोड्स और भवन एवं सड़क से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में सामने आया कि कुछ क्षेत्रों में एक ही ठेकेदार द्वारा कई कार्य लिए जाने के कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। इस पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए गुरुग्राम और थानेसर क्षेत्र की ऐसी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए, जो एक साल तक भी कार्य पूरा नहीं कर पाई हैं।
मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि नियमानुसार अधिक टेंडर लेना गलत नहीं है, लेकिन सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। ठेकेदारों की लेटलतीफी का खामियाजा जनता को नहीं भुगतना चाहिए। यदि किसी परियोजना में तकनीकी बाधा नहीं है, तो उसे समय पर पूरा करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कार्य के पूरा होने के तीन महीने के भीतर उसकी वित्तीय क्लोजिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि भुगतान को लेकर किसी भी एजेंसी को परेशानी न हो। साथ ही सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। गुणवत्ता जांच के लिए हेडक्वार्टर से समय-समय पर टीमें भेजने और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा में कुल 30,40 किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क है, जिसमें से 16,435 किलोमीटर सड़क डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के अंतर्गत आती हैं, जबकि 6,019 किलोमीटर सड़क डीएलपी से बाहर हैं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो सड़कें खराब स्थिति में हैं, जब तक वे नई नहीं बन जातीं, तब तक उन्हें हर हाल में सुचारू रखा जाए। जहां पैचवर्क की जरूरत हो, वहां तत्काल किया जाए और गड्ढों को भरा जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रणबीर गंगवा ने ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त शिकायतों की प्रतिदिन निगरानी करने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्वयं ऐप पर नजर रखें और शिकायतों का जवाब तय समय के भीतर दें। इसके साथ ही फील्ड कर्मचारियों, विशेष रूप से बेलदारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में जल्द ही आधुनिक उपकरणों से युक्त पैच वैन शुरू की जाएगी। विभाग को 28 नए रोड रोलर मिल चुके हैं, जबकि शेष 28 की आपूर्ति शीघ्र की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक जिले में बनाए जाने वाले मॉडल रोड्स को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 11 मॉडल रोड्स की स्थिति की समीक्षा की गई है और अगले वर्ष प्रदेश में 23 और मॉडल रोड्स विकसित करने के लिए सड़कों की पहचान कर ली गई है। इन सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था, लाइटिंग और ड्रेनेज सहित सभी आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास किया जाएगा।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और सभी चल रही परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करने पर सहमति जताई।
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