
Haryana budget 2026: प्रदेश का बजट रोजगारपरक और उद्योगों के अनुकूल बनाना सरकार का लक्ष्य: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
रिपोर्ट : कोमल रमोला
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और आगामी बजट में औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन पर विशेष फोकस किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का बजट अधिक से अधिक रोजगारपरक और उद्योगों के अनुकूल हो, ताकि हरियाणा की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा सके।
मुख्यमंत्री गुरुग्राम में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बैठकों का उद्देश्य हितधारकों से प्रत्यक्ष सुझाव लेकर प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है। बीते वर्ष भी उद्योग जगत के साथ बजट पूर्व संवाद किया गया था, जिसमें मिले सुझावों से नीतियों को मजबूती मिली और 71 सुझावों को बजट में शामिल किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग एवं श्रम विभाग के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 1951 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से अब तक 873 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बजट से जुड़े ठोस और व्यावहारिक सुझाव सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इसके लिए एआई चैटबोट के माध्यम से भी सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार बजट में की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पिछले बजट में उद्योग एवं श्रम विभाग के बजट को 129.37 प्रतिशत तक बढ़ाया गया, जिससे विभाग को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री और सिंगल रूम की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आईएमटी बावल में 5 एकड़, आईएमटी फरीदाबाद में 2.76 एकड़ और आईएमटी सोहना में 5.47 एकड़ भूमि चिन्हित कर अधिकृत की गई है। इसके साथ ही आईएमटी खरखौदा के विस्तार के लिए करीब 5800 एकड़ भूमि की पहचान कर ली गई है, जिसे औद्योगिक नीति-2022 के तहत जल्द अधिकृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनीपत जिले के खरखौदा में लगभग 10 हजार एकड़ क्षेत्र में एक सैटेलाइट शहर बसाने की योजना है। इसके साथ राई में होलसेल मार्केट विकसित की जाएगी, जिसे लेकर व्यापारियों ने रुचि दिखानी शुरू कर दी है। सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ईवी पार्क स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा है। इसके अलावा 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से आरआरटीएस परियोजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है और जल्द ही इसके टेंडर जारी किए जाएंगे। यह परियोजना सराय काले खां से करनाल और सराय काले खां से अलवर तक जाएगी, जिससे प्रदेशवासियों को बड़ा लाभ मिलेगा। वहीं मानेसर में कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की भी योजना है।
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्मुख हरियाणा के निर्माण में उद्योग जगत की भूमिका अहम है और सरकार बजट को सभी हितधारकों के हित में सुगम और प्रभावी बनाने के लिए प्री-बजट परामर्श बैठकों के माध्यम से सुझाव ले रही है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में भी उद्योगों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को लेकर अपने विचार साझा किए। सरकार ने भरोसा दिलाया कि मिले सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें आगामी बजट में शामिल किया जाएगा।
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