Greater Noida Sewer System: कासना एमएसपी में नई मोटर लगेंगी, सेक्टरों को मिलेगा सीवर ओवरफ्लो से राहत

Greater Noida Sewer System: कासना एमएसपी में नई मोटर लगेंगी, सेक्टरों को मिलेगा सीवर ओवरफ्लो से राहत
ग्रेटर नोएडा में सीवरेज व्यवस्था को मजबूत और सुचारु बनाने के लिए प्राधिकरण ने कासना स्थित मुख्य पंपिंग स्टेशन में उच्च क्षमता की पांच नई मोटर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह पंपिंग स्टेशन 137 एमएलडी क्षमता का है और शहर के विभिन्न सेक्टरों व गांवों से आने वाले गंदे पानी को एसटीपी तक पहुंचाने का मुख्य केंद्र है। लंबे समय से मोटरों के पुराने और जर्जर होने के कारण सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या सामने आ रही थी, जिसे अब चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा।
प्राधिकरण द्वारा इस कार्य के लिए निविदा जारी कर दी गई है और अधिकारियों का दावा है कि अगले एक माह में मोटर बदलने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वर्तमान में पंपिंग स्टेशन में लगी 15 से 20 साल पुरानी मोटरों में से पांच में से केवल तीन ही चालू हालत में हैं, जबकि एक समय में दो मोटर ही प्रभावी रूप से चल पाती हैं। इस वजह से शहर से आने वाले सीवरेज को समय पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने में दिक्कत होती है। नई मोटर लगने के बाद गंदा पानी तेज बहाव से एसटीपी तक पहुंचेगा और बैकफ्लो की समस्या में कमी आएगी।
इस बीच, शहर में जर्जर और क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों को भी चिन्हित कर बदला जा रहा है। सेक्टर पी-3 गोलचक्कर उदमन होटल के समीप और उससे आगे एक अन्य स्थान पर मुख्य सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके स्थान पर नई लाइन बिछाने का कार्य पूरा कर उसे चालू कर दिया गया है। इससे अल्फा-1, अल्फा-2, बीटा-1, बीटा-2, गामा-1, गामा-2, डेल्टा-1, डेल्टा-2, डेल्टा-3, नॉलेज पार्क-1, नॉलेज पार्क-2 और नॉलेज पार्क-3 सहित कई अन्य सेक्टरों और आसपास के गांवों में सीवरेज व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सीवर ओवरफ्लो की शिकायतों में भी कमी दर्ज की गई है।
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव ने बताया कि सीवर प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए बनाई गई विस्तृत कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। जहां-जहां लाइनें जर्जर हैं, उन्हें बदला जा रहा है और गांवों में नए सीवर कनेक्शन देने का काम भी तेजी से चल रहा है। कासना स्थित मुख्य पंपिंग स्टेशन में नई मोटर लगाने के साथ अन्य तकनीकी कमियों को भी दूर किया जाएगा, ताकि सीवरेज को बिना रुकावट एसटीपी तक पहुंचाया जा सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए सीवरेज प्रणाली को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जा रहा है। जिन क्षेत्रों में अभी सीवर लाइन की सुविधा नहीं है, वहां नई लाइन बिछाने की योजना पर काम चल रहा है। साथ ही घरों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी को शोधित कर पुनः उपयोग में लाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिल सके।
इन पहलों के पूरा होने के बाद आने वाले महीनों में ग्रेटर नोएडा के निवासियों को सीवर ओवरफ्लो, बदबू और जलभराव जैसी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।




