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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-33 में बनेगा नया भूमिगत जलाशय, पेयजल आपूर्ति होगी बेहतर

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-33 में बनेगा नया भूमिगत जलाशय, पेयजल आपूर्ति होगी बेहतर

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-33 यानी पाई-1 और पाई-2 क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए नया भूमिगत जलाशय (यूजीआर) बनाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसके लिए जगह चिन्हित कर तैयारी शुरू कर दी है और जल विभाग की ओर से निविदा भी जारी कर दी गई है।

20 लाख लीटर क्षमता का होगा नया यूजीआर

नया भूमिगत जलाशय सेक्टर पाई-1 और पाई-2 स्थित ओवरहेड टैंक परिसर में बनाया जाएगा। इसकी क्षमता करीब 20 लाख लीटर होगी। इस परियोजना से सेक्टर पाई-1, पाई-2, स्वर्णनगरी, सेक्टर-37 के अलावा बिरौंडी, बिरौंडा और ऐच्छर गांव के लोगों को लाभ मिलेगा।

फिलहाल इन इलाकों में सेक्टर-36 स्थित भूमिगत जलाशय से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, लेकिन तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग लगातार बढ़ रही है।

गंगाजल भंडारण क्षमता बढ़ाने की तैयारी

प्राधिकरण शहर में गंगाजल और भूजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। इसके साथ ही भूमिगत जलाशयों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है ताकि पानी का भंडारण और वितरण बेहतर तरीके से किया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट इलाके में चार अन्य भूमिगत जलाशयों का निर्माण कार्य पहले से चल रहा है, जो इसी साल पूरा होने की उम्मीद है।

20 से बढ़ाकर 39 किए जाएंगे भूमिगत जलाशय

प्राधिकरण के मुताबिक वर्तमान में शहर में 20 भूमिगत जलाशय और 39 ओवरहेड टैंकों के जरिए गंगाजल और भूजल की आपूर्ति की जा रही है। आने वाले समय में भूमिगत जलाशयों की संख्या 20 से बढ़ाकर 39 करने की योजना है।

अधिकारियों का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद शहर में आबादी और बसावट तेजी से बढ़ेगी, इसलिए जलापूर्ति व्यवस्था को पहले से मजबूत किया जा रहा है।

एक से दो महीने में शुरू होगा निर्माण कार्य

विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि सेक्टर पाई-1 और पाई-2 में यूजीआर निर्माण के लिए निविदा जारी कर दी गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले एक से दो महीने में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

वहीं रवि कुमार एनजी ने कहा कि शहर और आसपास के गांवों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन नेटवर्क और अन्य संसाधनों का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

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