Greater Noida:ग्रेटर नोएडा में यूपी सरकार और जापान की MEJ के बीच ऐतिहासिक समझौता, मेडिकल डिवाइस सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

Greater Noida:ग्रेटर नोएडा में यूपी सरकार और जापान की MEJ के बीच ऐतिहासिक समझौता, मेडिकल डिवाइस सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश सरकार ने मेडिकल डिवाइस सेक्टर को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 6 मई 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और जापान के प्रमुख संगठन Medical Excellence Japan के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य में मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री में निवेश, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान को तेज़ी से बढ़ावा देना है।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में नवाचार और विकास को प्रोत्साहित करेंगी। YEIDA की ओर से निवेशकों को आधुनिक अवसंरचना, भूमि, नियामकीय सहयोग और विभिन्न नीतिगत प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे, जबकि MEJ जापान की उन्नत तकनीक, विशेषज्ञता और कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। इससे भारतीय और जापानी कंपनियों के बीच सहयोग का दायरा और मजबूत होगा।
समझौते के अंतर्गत रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा और YEIDA के मेडिकल डिवाइस पार्क को जापानी निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही तकनीकी हस्तांतरण, ज्ञान साझा करने और स्टार्टअप्स को सहयोग देने पर भी खास जोर रहेगा, जिससे नए उद्यमों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
दोनों पक्षों के सहयोग से संयुक्त शोध परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान होगा और आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। निवेश को बढ़ावा देने के लिए सेमिनार, व्यापार मिशन और नेटवर्किंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा वैश्विक गुणवत्ता मानकों को अपनाने और उत्पादन क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन प्रोग्राम, फंडिंग सपोर्ट, हैकाथॉन और जापानी विशेषज्ञों से मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी। इससे नए उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस MoU के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (JWG) का गठन किया जाएगा, जो 30 दिनों के भीतर तैयार होगा और 60 दिनों के अंदर विस्तृत कार्ययोजना पेश करेगा। समझौते में गोपनीयता को भी अहम स्थान दिया गया है, जिसके तहत किसी भी संवेदनशील जानकारी को बिना अनुमति साझा नहीं किया जाएगा और MoU समाप्त होने के बाद भी पांच वर्षों तक गोपनीयता बनाए रखी जाएगी।
यह समझौता हस्ताक्षर की तिथि से प्रभावी हो चुका है और 31 मार्च 2027 तक वैध रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे आपसी सहमति से संशोधित या आगे बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएगी।



