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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में आईटी और बीपीओ कंपनियों के लिए बड़ा मौका, कॉल सेंटर योजना की आवेदन तिथि बढ़ी

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में आईटी और बीपीओ कंपनियों के लिए बड़ा मौका, कॉल सेंटर योजना की आवेदन तिथि बढ़ी

नोएडा: ग्रेटर नोएडा में आईटी, बीपीओ और कॉल सेंटर कंपनियों के लिए निवेश का सुनहरा अवसर सामने आया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) और कॉल सेंटर खोलने के लिए शुरू की गई भूखंड योजना में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक कंपनियां और निवेशक 2 जनवरी तक पंजीकरण कर सकते हैं। इससे पहले इस योजना में आवेदन की अंतिम तारीख 23 सितंबर तय की गई थी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के चलते ग्रेटर नोएडा में न सिर्फ आवासीय भूखंडों की मांग बढ़ी है, बल्कि औद्योगिक और आईटी निवेश की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। इसी को देखते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई कंपनियां यहां निवेश के लिए रुचि दिखा रही हैं। इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बीपीओ और कॉल सेंटर के लिए 22 भूखंडों की विशेष योजना शुरू की है।

इस योजना के तहत 500, 684, 783, 1000, 1042, 1126, 1206 और 1389 वर्गमीटर आकार के भूखंड शामिल किए गए हैं। ये भूखंड ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क-5, टेकजोन-4 और टेकजोन-7 क्षेत्रों में स्थित हैं, जो आईटी और कॉर्पोरेट गतिविधियों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। योजना में सबसे अधिक संख्या 500 और 1000 वर्गमीटर के भूखंडों की है, जिससे मध्यम और बड़ी दोनों तरह की कंपनियों को लाभ मिलेगा।

प्राधिकरण के अनुसार, योजना में पंजीकरण की अंतिम तिथि के साथ ही सिक्योरिटी मनी और प्रोसेसिंग फीस भी 2 जनवरी तक जमा करानी होगी। इसके बाद भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। यदि सभी भूखंड आरक्षित मूल्य पर भी आवंटित होते हैं, तो प्राधिकरण को 55 करोड़ रुपये से अधिक की आय होने की संभावना है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि बीपीओ और कॉल सेंटर भूखंडों की योजना में पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 2 जनवरी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नए साल में ई-नीलामी के जरिए इन भूखंडों का आवंटन कर दिया जाएगा, जिससे ग्रेटर नोएडा में आईटी और सर्विस सेक्टर को नई गति मिलेगी।

प्राधिकरण का मानना है कि इस योजना से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और ग्रेटर नोएडा को आईटी और सर्विस हब के रूप में मजबूत पहचान मिलेगी।

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