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Ebola Virus Alert: भारत में इबोला का कोई मामला नहीं, केंद्र सरकार ने बढ़ाई निगरानी और स्क्रीनिंग

Ebola Virus Alert: भारत में इबोला का कोई मामला नहीं, केंद्र सरकार ने बढ़ाई निगरानी और स्क्रीनिंग

नई दिल्ली, 20 मई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) द्वारा इबोला वायरस को लेकर अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में अब तक इबोला वायरस रोग (ईवीडी) का एक भी मामला सामने नहीं आया है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

केंद्र सरकार ने संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए देशभर में स्वास्थ्य निगरानी तंत्र को और मजबूत कर दिया है। एयरपोर्ट, बंदरगाह और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग व्यवस्था को सख्त किया गया है। विदेशों से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत पहचान कर उचित कार्रवाई की जा सके।

इस मुद्दे पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इबोला वायरस से निपटने की राष्ट्रीय तैयारियों, स्वास्थ्य सुविधाओं की क्षमता और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी संभावित स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पहले ही विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) भेजी जा चुकी हैं। इनमें एयरपोर्ट स्क्रीनिंग, क्वारंटीन प्रबंधन, संक्रमित मरीजों के इलाज, रेफरल सिस्टम और प्रयोगशाला जांच से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल हैं। अस्पतालों को भी विशेष सतर्कता बरतने और आइसोलेशन सुविधाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों से समन्वित निगरानी प्रणाली को मजबूत करने, समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और नामित अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रखने पर जोर दिया। इसके अलावा नागरिक उड्डयन, गृह मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी परिस्थिति में आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्रवाई की जा सके।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत को महामारी और वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने का व्यापक अनुभव है। वर्ष 2014 में अफ्रीकी देशों में फैले इबोला प्रकोप के दौरान भी भारत ने प्रभावी स्क्रीनिंग और निगरानी उपाय लागू किए थे, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। सरकार का कहना है कि उसी अनुभव के आधार पर वर्तमान तैयारियों को और मजबूत बनाया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैल सकती है। समय पर पहचान और आइसोलेशन से इसके प्रसार को रोका जा सकता है। इसी वजह से भारत सरकार ने एहतियाती कदमों को प्राथमिकता दी है ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।

केंद्र सरकार ने दोहराया है कि देश में फिलहाल इबोला संक्रमण का कोई मामला नहीं है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें और स्वास्थ्य मंत्रालय तथा सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ही पालन करें।

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