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FSSAI: एफएसएसएआई ने देश में पारदर्शी खाद्य सुरक्षा प्रणाली के लिए शुरू किया ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम

FSSAI: एफएसएसएआई ने देश में पारदर्शी खाद्य सुरक्षा प्रणाली के लिए शुरू किया ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम

नई दिल्ली, 30 जनवरी: देश में पारदर्शी, वैज्ञानिक और मजबूत खाद्य सुरक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपना पहला पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। यह पहल भारत के विज्ञान-आधारित खाद्य नियामक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में मानी जा रही है।

एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजित पुनहानी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए खाद्य सुरक्षा जोखिम मूल्यांकन पर एक व्यापक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की और डिजिटल प्रशिक्षण पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को FSSAI और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इसके पाठ्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय जोखिम विश्लेषण सिद्धांतों के अनुरूप तैयार किया गया है और इसे भारत की नियामक आवश्यकताओं के अनुसार ढाला गया है।

प्रशिक्षण का मुख्य भाग डायटरी एक्सपोज़र असेसमेंट है, जिसे WHO के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है। कार्यक्रम में जेईसीएफए (JECFA), जेईएमआरए (JEMRA) और जेएमपीआर (JMPR) के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में माइक्रोबायोलॉजिकल जोखिम मूल्यांकन, एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस, टॉक्सिकोलॉजी और खाद्य additive सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

प्रारंभिक चरण में यह प्रशिक्षण FSSAI मुख्यालय के युवा और मध्य-स्तरीय अधिकारियों को दिया जाएगा। भविष्य में इसे राज्य खाद्य प्राधिकरणों तक विस्तारित किया जाएगा, ताकि पूरे देश में खाद्य सुरक्षा प्रणाली और नियामक ढांचा मजबूत किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रशिक्षण से अधिकारी खाद्य सुरक्षा जोखिमों का सही मूल्यांकन कर नीतिगत निर्णय लेने में सक्षम होंगे, जिससे देश में खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के विश्वास को और मजबूती मिलेगी।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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