राज्यउत्तर प्रदेश

Free Health Checkup Scheme: 40 साल से अधिक श्रमिकों के लिए देशभर में मुफ्त वार्षिक हेल्थ चेकअप शुरू

Free Health Checkup Scheme: 40 साल से अधिक श्रमिकों के लिए देशभर में मुफ्त वार्षिक हेल्थ चेकअप शुरू

केंद्र सरकार ने श्रमिकों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बसई दारापुर से देशव्यापी वार्षिक स्वास्थ्य जांच अभियान की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत अब 40 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिकों का हर साल मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा, जिससे गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और इलाज संभव हो सकेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि यह पहल श्रमिकों को “स्वास्थ्य सुरक्षा कवच” देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जांच के दौरान किसी भी गंभीर बीमारी की पहचान होने पर ESIC अस्पतालों के माध्यम से मुफ्त इलाज और दवाओं की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार का लक्ष्य श्रमिकों को सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित जीवन देना भी है। उन्होंने बताया कि देश में लागू चार नए लेबर कोड श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य लाभ और बेहतर कार्य स्थितियां देने के लिए बनाए गए हैं। पिछले 12 वर्षों में सरकार ने श्रम शक्ति और युवा शक्ति को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज तेजी से बढ़ा है। पहले जहां यह सिर्फ 19 प्रतिशत था, अब बढ़कर लगभग 64 प्रतिशत तक पहुंच गया है और करीब 94 करोड़ लोग इसके दायरे में आ चुके हैं। इसी तरह ESIC के लाभार्थियों की संख्या भी 7 करोड़ से बढ़कर लगभग 15 करोड़ हो गई है, जो इस प्रणाली के विस्तार को दर्शाता है।

सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स जैसे डिलीवरी एजेंट्स और कैब ड्राइवर्स को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इससे इन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी स्वास्थ्य, बीमा और अन्य लाभ मिल सकेंगे।

इसके अलावा महिलाओं के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिनमें समान वेतन, 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश और वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य कार्यस्थल पर समानता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुफ्त स्वास्थ्य जांच अभियान श्रमिक वर्ग के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा, क्योंकि समय पर बीमारी की पहचान से न केवल जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि इलाज का खर्च भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

Related Articles

Back to top button