Indian Army Chief visit: सेना प्रमुख की यूएई और श्रीलंका यात्रा से रक्षा सहयोग को नई मजबूती, सैन्य तालमेल पर बनी सहमति

Indian Army Chief visit: सेना प्रमुख की यूएई और श्रीलंका यात्रा से रक्षा सहयोग को नई मजबूती, सैन्य तालमेल पर बनी सहमति
नई दिल्ली। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग, सैन्य समन्वय और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करना रहा। जनरल द्विवेदी की इस यात्रा को भारत की रक्षा कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूएई दौरे के दौरान 5 और 6 जनवरी को थल सेना प्रमुख ने यूएई थल सेना के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सैन्य तालमेल, रक्षा सहयोग और पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमति बनी। जनरल द्विवेदी ने यूएई लैंड फोर्सेज की संगठनात्मक संरचना, आधुनिक सैन्य क्षमताओं और संचालन प्रणाली की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने यूएई के प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों का भी दौरा किया और दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। यूएई प्रवास के दौरान उन्होंने वहां भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल से भी मुलाकात की और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचार-विमर्श किया।
इसके बाद 7 और 8 जनवरी को श्रीलंका यात्रा के दौरान थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने श्रीलंका सेना प्रमुख, रक्षा सचिव और उप रक्षा मंत्री के साथ अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में प्रशिक्षण सहयोग, सैन्य क्षमता निर्माण, रक्षा शिक्षा और भविष्य की रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई। जनरल द्विवेदी ने श्रीलंका के बुट्टाला स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में खेल परिसर की आधारशिला भी रखी, जो दोनों देशों के सैन्य संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
श्रीलंका यात्रा के दौरान भारत की ओर से रक्षा सहयोग के तहत श्रीलंकाई सेना को एंबुलेंस, 20 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन और सिमुलेटर भी सौंपे गए। यह सहायता श्रीलंका सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में सहायक होगी। इसके अलावा जनरल द्विवेदी ने आईपीकेएफ युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत-श्रीलंका के ऐतिहासिक सैन्य संबंधों को याद किया।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, थल सेना प्रमुख की यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और ‘विस्तारित पड़ोस’ नीति को मजबूती देती है। यूएई और श्रीलंका के साथ रक्षा सहयोग बढ़ने से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे साझा मुद्दों पर भी बेहतर तालमेल संभव हो सकेगा।
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