
Faridabad Bribery Case: फरीदाबाद में पटवारी और सहयोगी 20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
रिपोर्ट: संदीप चौहान
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोच्छी उप-तहसील में तैनात पटवारी जितेंद्र और उसके सहयोगी विनोद को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को पकड़ने के बाद विजिलेंस टीम उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई।
शिकायतकर्ता शत्रुजीत शर्मा के अनुसार वह पिछले कई महीनों से जमीन का म्यूटेशन चढ़वाने के लिए तहसील के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनका काम नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि पटवारी जितेंद्र जानबूझकर फाइल लंबित रखे हुए था और बार-बार उन्हें घुमाया जा रहा था। इसी दौरान पटवारी के सहयोगी विनोद ने म्यूटेशन कराने के एवज में 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। बाद में सौदा 25,000 रुपये में तय हुआ और 5,000 रुपये एडवांस भी ले लिए गए।
भ्रष्टाचार से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही 20,000 रुपये की बाकी रकम दी गई, टीम ने मौके पर ही विनोद को गिरफ्तार कर लिया और साथ ही पटवारी जितेंद्र को भी हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के दौरान विनोद ने कैमरे के सामने कोई बयान नहीं दिया। विजिलेंस टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए और दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए साथ ले गई। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कदम जरूरी था।
वहीं, उप-तहसील गोच्छी में अपना कार्य कराने आए एक अन्य व्यक्ति अरशद ने भी आरोप लगाया कि वह कई वर्षों से अपने काम के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह जिला उपायुक्त से भी मिल चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। अरशद ने भी विजिलेंस की कार्रवाई को सही ठहराया।
फिलहाल विजिलेंस विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस कार्रवाई को प्रशासन की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।





