अमर सैनी
नोएडा। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) के 282 उपभोक्ता अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर चुके हैं। सौर ऊर्जा से जहां उनके घर जगमग हो रहा,वहीं अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जा रही है। ऐसे उपभोक्ताओं को हर साल 15-18 हजार रुपये तक बचत हो रही है। योजना का लाभ लेने के लिए अब तक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
सोलर पैनल लगा चुके 282 उपभोक्ताओं में से 174 को इस योजना के तहत केंद्र और प्रदेश सरकार से 1 करोड़ 77 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिल चुकी है। एनपीसीएल से प्राप्त ये आंकड़े इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि हरित ऊर्जा की तरफ लोगों के कदम बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा 23 जुलाई को पेश किए गए बजट में इस योजना के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। योजना के बारे में लोग आसानी से जानकारी हासिल कर सकें, इसके लिए पीसीएल ने अपने उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 0120-6226666 जारी किया है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सब्सिडी का लाभ केवल यूपीनेडा के पंजीकृत विक्रेताओं के माध्यम से दी जाती है। योजना के तहत उपभोक्ता रूफटॉप सोलर प्लांट अपने स्वीकृत या फिर अनुबंधित भार तक ही स्थापित कर सकते हैं। एनपीसीएल के प्रवक्ता मनोज झा ने बताया कि योजना को आगे बढ़ाने की पहल पर काम किया जा रहा है। इसका लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता को सबसे पहले www.pmsuryagarh.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। प्रोजेक्ट कमीशनिंग सर्टिफिकेट नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर एनपीसीएल द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। इसके बाद ही योजना का लाभ मिलता है। बता दें कि एनपीसीएल के 1.50 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं।
बैंकों से ऋण भी मिलता है
योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए बैंक तीन किलोवाट तक लोड के लिए सात फीसदी की दर पर नवीकरणीय ऊर्जा ऋण भी दे रहे हैं। एनपीसीएल से मिली जानकारी के मुताबिक 10 वर्गमीटर वाली छत से प्रतिदिन औसतन 4 यूनिट बिजली का उत्पादन होता है।
प्रति वर्ष 15 से 18 हजार रुपये की बचत
सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे परिवारों को काफी राहत मिल रही है। सौर ऊर्जा से उत्पादित अतिरिक्त बिजली इकाई ग्रिड में चली जाती है, जिसे नेट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता के बिल में समायोजित किया जाता है। छतों पर स्थापित फोटोवोल्टिक पैनल (पीवी) न केवल ग्रिड बिजली पर निर्भरता को कम करता है, बल्कि लोगों को भविष्य के बिजली बिल को कम करने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा उत्पन्न करने और बेचने में भी सक्षम बनाता है। रूफटॉप सोलर से परिवारों को हर साल 15 से 18 हजार रुपये तक की बचत होती है।
वर्जन
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को योजना के प्रति जागरूक कर इसका लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक 282 उपभोक्ता घर की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर चुके हैं,जबकि एक हजार से अधिक ने आवेदन कर रखा है। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
मनोज झा, प्रवक्ता, एनपीसीएल।






पाठकों की राय