Drinking Water: पुरानी पाइपलाइन बनी मुसीबत, ग्रेनो वेस्ट के फ्लैटों में फिर पहुंचा गंदा पानी

Drinking Water: पुरानी पाइपलाइन बनी मुसीबत, ग्रेनो वेस्ट के फ्लैटों में फिर पहुंचा गंदा पानी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-3 स्थित जनता फ्लैट में एक बार फिर दूषित पेयजल की आपूर्ति से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जर्जर और क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन के कारण शुक्रवार को कई घरों में गंदा पानी पहुंचा, जिससे करीब 600 परिवारों में बीमारी फैलने की आशंका गहरा गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले एक वर्ष से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
निवासियों के अनुसार कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है। इसके चलते लोगों के घरों में बदबूदार और दूषित पानी पहुंच रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों में होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों पहले पुरानी पाइपलाइन बदलने के लिए टेंडर जारी किया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। प्रशासनिक देरी के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे पहले भी दूषित पानी की आपूर्ति के चलते 300 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
निवासियों का कहना है कि पिछले दो सप्ताह में हालात और गंभीर हो गए हैं। कई परिवारों के सदस्यों को पेट दर्द, उल्टी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगी हैं। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते पाइपलाइन नहीं बदली गई तो स्थिति और खराब हो सकती है।
स्थानीय निवासी राकेश कुमार ने बताया कि दोबारा गंदे पानी की आपूर्ति शुरू होने से पूरे इलाके में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं शैलेंद्र का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। निवासी रानी ने भी बताया कि कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त पाइपलाइन बदलने और साफ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र समाधान करेगा।





