Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

UPID Faculty: पांच साल बाद यूपीआईडी को मिले 10 स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर, पढ़ाई और रिसर्च को मिलेगा नया संबल

UPID, AKTU, Assistant Professor, Design Institute, Higher Education, Noida Education

UPID Faculty: पांच साल बाद यूपीआईडी को मिले 10 स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर, पढ़ाई और रिसर्च को मिलेगा नया संबल

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के सेक्टर-62 स्थित उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (यूपीआईडी) को पांच वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 10 नए स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर मिल गए हैं। नई नियुक्तियों के साथ संस्थान में स्थायी फैकल्टी की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इससे नियमित शिक्षण, शोध कार्य, नवाचार और शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अब तक संस्थान में केवल दो स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत थे, जबकि अधिकांश शिक्षण कार्य संविदा शिक्षकों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। इसका असर नियमित कक्षाओं, रिसर्च प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री सहयोग और विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर पड़ रहा था। लंबे समय से स्थायी फैकल्टी की कमी को लेकर छात्र और शिक्षाविद चिंता जता रहे थे।

यूपीआईडी को वर्ष 2019 में चार स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर मिले थे, लेकिन अगले दो वर्षों के भीतर दो शिक्षकों के संस्थान छोड़ने के बाद स्थायी शिक्षकों की संख्या घटकर केवल दो रह गई थी। इसके बाद कई वर्षों तक संस्थान को संविदा शिक्षकों के भरोसे शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करनी पड़ीं।

संस्थान के निदेशक डॉ. कुमार संभव ने बताया कि 10 नए स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति से विद्यार्थियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। नियमित फैकल्टी उपलब्ध होने से कक्षाओं का संचालन बेहतर होगा और विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों का लगातार मार्गदर्शन मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियों से शोध कार्यों, इंडस्ट्री के साथ सहयोग, नवाचार आधारित परियोजनाओं और डिजाइन शिक्षा को भी नई मजबूती मिलेगी। इससे संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी शिक्षकों की संख्या बढ़ने से यूपीआईडी की शैक्षणिक और शोध क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे छात्रों को बेहतर अकादमिक माहौल मिलने के साथ-साथ संस्थान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी और मजबूत होगी।

 

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें