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Dengue Control: मॉनसून में दिल्ली को राहत, डेंगू-मलेरिया के मामले घटे

Dengue Control: मॉनसून में दिल्ली को राहत, डेंगू-मलेरिया के मामले घटे

नई दिल्ली, 29 जुलाई: मॉनसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे के बीच राजधानी दिल्ली के लिए राहत की खबर सामने आई है। दिल्ली नगर निगम की एंटी मलेरिया ऑपरेशन शाखा की 25 जुलाई तक की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो वर्षों की समान अवधि की तुलना में इस साल तीनों प्रमुख मच्छर जनित बीमारियों के मामलों में कमी दर्ज की गई है। राहत की बात यह भी है कि अब तक इन बीमारियों से दिल्ली में किसी मौत की सूचना नहीं है।

एमसीडी के अनुसार, इस साल 25 जुलाई तक दिल्ली में डेंगू के 212, मलेरिया के 62 और चिकनगुनिया के 14 मामले सामने आए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि तक डेंगू के 277 और मलेरिया के 124 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2024 में इसी अवधि के दौरान डेंगू के 284 और मलेरिया के 106 मामले सामने आए थे।

निगम ने संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर घर-घर निगरानी अभियान चलाया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 2.15 करोड़ से अधिक घरों का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान 65,010 परिसरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया। नियमों के उल्लंघन पर 56,837 नोटिस जारी किए गए और 6,111 चालान काटे गए।

एमसीडी की टीमों ने 2.44 लाख से अधिक घरों और स्थानों पर एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव भी किया। इसके अलावा 229 जलाशयों में गंबूशिया मछलियां छोड़ी गईं, जो मच्छरों के लार्वा को खाती हैं और इनके प्रजनन को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

जोनवार आंकड़ों में वेस्ट जोन सबसे अधिक प्रभावित रहा। यहां डेंगू के 36 और मलेरिया के 16 मामले दर्ज किए गए। सेंट्रल जोन में डेंगू के 28 और मलेरिया के नौ मामले सामने आए। सिविल लाइंस जोन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल किया गया है।

हालांकि, दिल्ली में बाहर से संक्रमण लेकर आने वाले मरीज अब भी चुनौती बने हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, डेंगू के 67 और मलेरिया के 37 संक्रमित मरीज दूसरे राज्यों से संक्रमण लेकर दिल्ली पहुंचे। इससे राजधानी में संक्रमण की निगरानी और नियंत्रण अभियान को लगातार जारी रखना जरूरी हो गया है।

एमसीडी के अधिकारियों के अनुसार, घर-घर निरीक्षण, लार्वा स्रोतों को खत्म करने, एंटी-लार्वा दवा के छिड़काव, जनजागरूकता और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का असर इस साल के आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। मानसून के बाकी महीनों में भी संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी बनाए रखने की तैयारी है।

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