दिल्ली

Beti Bachao Abhiyan: बेटियों को मिली नई उड़ान, शिक्षा और कौशल विकास से बढ़ा सशक्तिकरण

Beti Bachao Abhiyan: बेटियों को मिली नई उड़ान, शिक्षा और कौशल विकास से बढ़ा सशक्तिकरण

नई दिल्ली, 29 जुलाई: बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना अब व्यापक जनभागीदारी वाले अभियान का रूप ले चुकी है। सरकार का कहना है कि योजना के माध्यम से बेटियों को शिक्षा, कौशल विकास और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

सरकार के अनुसार, वर्ष 2014-15 में जन्म के समय लिंगानुपात 918 था। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों में 2025-26 के लिए दिया गया आंकड़ा 29 बताया गया है, जो संभवतः टाइपिंग त्रुटि है। इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। सरकार ने यह भी बताया कि समग्र शिक्षा के तहत देशभर के 25,181 स्कूलों में कौशल शिक्षा का विस्तार किया गया है। इससे करीब 39.5 लाख छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है।

कौशल शिक्षा के तहत बेटियों को पारंपरिक विषयों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, हेल्थकेयर और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित यानी STEM जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे छात्राओं के लिए भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।

सरकार का जोर केवल बेटियों को स्कूल तक पहुंचाने पर ही नहीं, बल्कि उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने पर भी है। कौशल आधारित शिक्षा के जरिए छात्राओं को बदलती अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सामाजिक जागरूकता को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। सरकार का मानना है कि बेटियों के प्रति समाज की सोच में बदलाव, शिक्षा तक समान पहुंच और आर्थिक आत्मनिर्भरता से ही महिलाओं के सशक्तिकरण को स्थायी आधार मिल सकता है।

केंद्र सरकार के अनुसार, शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता को एक साथ आगे बढ़ाकर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में बेटियों की भूमिका भी और मजबूत होगी।

 

 

Related Articles

Back to top button