उत्तर प्रदेश, नोएडा: मनमाना किराया वसूलने को लेकर युवा क्रांति सेना ने मुख्यमंत्री को लिखा शिकायती पत्र

अजीत कुमार

 उत्तर प्रदेश, नोएडा। दीपावली पर्व से पहले नोएडा एवं एनसीआर क्षेत्र से विभिन्न शहरों को जाने वाली वातानुकूलित निजी बसों में यात्रियों से मनमाना किराया वसूले जाने और सरकारी परिवहन व्यवस्था की विफलता को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सामान्य किराया ₹600–₹700 वाली बसों में 18 से 21 अक्टूबर के बीच ₹3500 से ₹7300 तक वसूला जा रहा है, जो आम नागरिकों का खुला शोषण है। यह न केवल परिवहन व्यवस्था की असफलता को दर्शाता है, बल्कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 67 एवं 192A के अंतर्गत दंडनीय अपराध भी है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए युवा क्रांति सेना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजा है। साथ ही परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश, राज्य परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष, गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) और सांसद डॉ. महेश शर्मा को भी पत्र लिखकर दोषी निजी बस संचालकों के विरुद्ध त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोषी बस ऑपरेटरों की सूची तैयार कर उनके परमिट की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर तत्काल निलंबन/रद्दीकरण की कार्रवाई की जाए। दीपावली के अवसर पर अतिरिक्त स्पेशल बसें चलाकर जनता को राहत देने तथा परिवहन विभाग द्वारा विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने की भी मांग की गई है।
इस विषय पर अध्यक्ष अविनाश सिंह ने कहा कि यह स्थिति आम नागरिकों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। जब लोग त्योहारों पर अपने घर लौटना चाहते हैं, तब निजी बस संचालकों द्वारा की जा रही लूट सामाजिक और कानूनी दोनों रूपों में अस्वीकार्य है। सरकार को तत्काल प्रभाव से इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि जनता को राहत मिल सके।
वहीं संस्थापक राजेश अम्बावता ने कहा कि यह केवल परिवहन विभाग की विफलता नहीं, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों के साथ अन्याय है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह प्रवृत्ति आने वाले समय में और बढ़ेगी। दोषी संचालकों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई ही इसका समाधान है।
यह मुद्दा लाखों यात्रियों से सीधे जुड़ा हुआ है। युवा क्रांति सेना ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध त्वरित व सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे और जनता को उचित राहत प्रदान करेंगे।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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