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Cyber Fraud: ट्रेडिंग ऐप में निवेश का झांसा देकर कारोबारी से 10.85 लाख रुपये की ठगी

Cyber Fraud: ट्रेडिंग ऐप में निवेश का झांसा देकर कारोबारी से 10.85 लाख रुपये की ठगी

नोएडा में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक कारोबारी से 10.85 लाख रुपये ठग लिए गए। साइबर अपराधियों ने व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क कर पीड़ित को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उसे ठगी का अहसास हुआ। मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी शिकायत में बिसरख निवासी शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि एक युवती ने व्हाट्सऐप पर उनसे संपर्क किया और ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए अच्छा लाभ कमाने का दावा किया। बातचीत के दौरान युवती ने उन्हें एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खुलवाने के लिए राजी किया और निवेश करने की सलाह दी।

आरोप है कि युवती और उसके साथियों के कहने पर उन्होंने अलग-अलग तारीखों में कई बार धनराशि निवेश की। शिकायत के अनुसार 24 दिसंबर को 10 हजार रुपये, 29 दिसंबर को 50 हजार रुपये, 9 जनवरी को दो लाख रुपये, 13 जनवरी को दो लाख रुपये और 14 जनवरी को 6.25 लाख रुपये जमा कराए गए। इस प्रकार कुल 10.85 लाख रुपये ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराए गए।

शुरुआती दिनों में आरोपियों ने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर मुनाफा और बढ़ती हुई रकम दिखाकर पीड़ित का विश्वास जीत लिया। हालांकि जब उन्होंने निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया तो विभिन्न बहाने बनाकर निकासी रोक दी गई। बाद में आरोपियों ने संपर्क कम कर दिया, जिसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

पीड़ित ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों और इस्तेमाल किए गए बैंक खातों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी जुटाने में लगी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार की धोखाधड़ी को ऑनलाइन ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट फ्रॉड कहा जाता है। साइबर ठग अक्सर सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में वे खुद को निवेश विशेषज्ञ या सफल निवेशक बताकर भरोसा जीतते हैं। इसके बाद फर्जी ट्रेडिंग ऐप या वेबसाइट पर अकाउंट खुलवाकर निवेश कराते हैं और नकली मुनाफा दिखाते हैं। जब पीड़ित बड़ी रकम जमा कर देता है तो निकासी रोक दी जाती है और ठग गायब हो जाते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की निवेश संबंधी सलाह पर भरोसा न करें। निवेश हमेशा सेबी से पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही करें। किसी भी ऐप या वेबसाइट पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। साथ ही व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप में मिलने वाले निवेश प्रस्तावों तथा जल्दी और अधिक मुनाफे के दावों से सतर्क रहें।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा [National Cyber Crime Reporting Portal](https://cybercrime.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। समय पर शिकायत करने से रकम की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।

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