Ayushman Bharat Scheme :आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बिजनौर के 16 सूचीबद्ध अस्पतालों पर कार्रवाई

Ayushman Bharat Scheme :आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बिजनौर के 16 सूचीबद्ध अस्पतालों पर कार्रवाई
लखनऊ, 15 जुलाई। उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) द्वारा बिजनौर जिले के सूचीबद्ध अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें अनियमितताएं पाए जाने पर 16 अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। इनमें 6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस जारी करते हुए उनका भुगतान रोक दिया गया, जबकि 10 अन्य अस्पतालों को अनियमितताओं के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी अस्पताल केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (एसटीजी) तथा गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के बिजनौर के 20 सूचीबद्ध अस्पतालों का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं, उपचार प्रक्रिया, दस्तावेजों, रिकॉर्ड, क्लेम प्रक्रिया, अस्पताल प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। जांच में कई अस्पताल निर्धारित गुणवत्ता मानकों और उपचार संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए नहीं पाए गए। कई स्थानों पर स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस के उल्लंघन और उपचार संबंधी गंभीर खामियां सामने आईं।
जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर 16 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से 6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस जारी करते हुए उनके लंबित भुगतान पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं 10 अस्पतालों को विभिन्न अनियमितताओं के लिए नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में अब विस्तृत जांच के बाद जुर्माने की गणना की जाएगी और नियमानुसार 10 गुना तक आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
साचीज के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कुछ अस्पतालों में एक ही परिवार के सदस्यों को बार-बार भर्ती दिखाने, बिना चिकित्सीय आवश्यकता के आईसीयू बेड आरक्षित करने तथा क्लेम प्रक्रिया में अनियमितताओं जैसे मामले सामने आए। इन गड़बड़ियों को गंभीर मानते हुए संबंधित ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा जिले के जिला कार्यक्रम समन्वयक को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
सीईओ अर्चना वर्मा ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े प्रत्येक सूचीबद्ध अस्पताल के लिए सभी सरकारी दिशा-निर्देशों, गुणवत्ता मानकों और स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई अस्पताल लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मरीजों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदेशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों की नियमित निगरानी आगे भी जारी रहेगी और समय-समय पर बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किए जाएंगे। जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को समय पर, पारदर्शी, मानक आधारित और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। सरकार का मानना है कि सख्त निगरानी और जवाबदेही के माध्यम से योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा तथा प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लक्ष्य हासिल होगा।





