
Ayurvedic Health Infrastructure India: आयुर्वेदिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में जुटी है सरकार : प्रताप राव जाधव
नई दिल्ली/पणजी, 8 मार्च : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गोवा स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में मरीजों के लिए कई नई आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Prataprao Jadhav और Pramod Sawant विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद आधारित आधुनिक और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
नई सुविधाओं में सुश्रुत ओटी कॉम्प्लेक्स, फिजियोथेरेपी यूनिट, कौमारभृत्य पंचकर्म यूनिट और बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) यूनिट जैसी विशेष स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं के शुरू होने से संस्थान में आने वाले मरीजों को आयुर्वेदिक पद्धति के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का बेहतर और व्यापक लाभ मिल सकेगा। इन सेवाओं का उद्देश्य न केवल रोगों के उपचार को बेहतर बनाना है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा को भी बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री Prataprao Jadhav ने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा है, जिसे आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़कर लोगों तक प्रभावी और सुरक्षित उपचार पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एआईआईए गोवा को एक प्रमुख आयुर्वेदिक चिकित्सा और अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे देश और विदेश के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं मिल सकें।
इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री Pramod Sawant ने भी संस्थान के विकास की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एआईआईए गोवा परिसर का विस्तार किया जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इस विस्तार के तहत संस्थान में कैंसर रिसर्च सेंटर, केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाएं, फार्मेसी और अन्य अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली न केवल उपचार का माध्यम है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली और रोगों की रोकथाम के लिए भी अत्यंत प्रभावी है। एआईआईए गोवा में नई स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित विस्तार से इस संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई इन नई सुविधाओं को महिला स्वास्थ्य और समग्र चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय से भविष्य में अधिक प्रभावी और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।





