Haryana Startups: बजट-पूर्व परामर्श बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बोले—हरियाणा में स्टार्टअप्स को मिली नई उड़ान

Haryana Startups: बजट-पूर्व परामर्श बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बोले—हरियाणा में स्टार्टअप्स को मिली नई उड़ान
स्टार्टअप इंडिया की ‘रेनबो विजन’ हरियाणा में तेज़ी से लागू

रिपोर्ट : कोमल रमोला

चंडीगढ़, 21 जनवरी — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को मानेसर में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों एवं उद्यमियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 16 जनवरी को ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस’ मनाया गया था और आज का बजट-पूर्व परामर्श उसी उत्सव की कड़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि “स्टार्टअप इंडिया” केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक ‘रेनबो विजन’ है, जो अलग-अलग सेक्टर्स को नई संभावनाओं से जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप एक विचार है, जिसे मूर्त रूप देना होता है। यह एक छोटा बीज है, जिसे सही सहयोग मिलने पर विशाल वृक्ष बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम तथा गुरुग्राम विधायक श्री मुकेश शर्मा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्प के साथ सरकार निरंतर तेज गति से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज देश में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। चाहे सड़क और परिवहन अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) का क्षेत्र हो या अन्य विकासात्मक परियोजनाएं, भारत अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई दिशा पकड़ी है और हर क्षेत्र में प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

फंडिंग और तकनीकी सहयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप संस्थापकों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘फंडिंग’ और ‘तकनीकी सहयोग’ जैसे मुद्दों पर प्राप्त विचारों को नोट किया गया है। उन्होंने कहा, “आइडिया कितना भी छोटा क्यों न हो, यदि उसमें दम है, तो उसे दुनिया बदलने में समय नहीं लगता।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है। इसमें हरियाणा का योगदान अग्रणी रहा है, विशेषकर गुरुग्राम और मानेसर का। हरियाणा में अब 9,500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं और राज्य इस मामले में देश में सातवें स्थान पर है। साथ ही, हरियाणा से 19 यूनिकॉर्न्स भी सामने आए हैं।

हरियाणा ए.आई. मिशन, रिसर्च फंड और फंड ऑफ फंड्स का गठन

मुख्यमंत्री ने बजट 2025-26 में उठाए गए प्रमुख कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। इसी दृष्टि से हरियाणा सरकार द्वारा ‘हरियाणा ए.आई. मिशन’ की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है, जिसके लिए विश्व बैंक से 474 करोड़ रुपये की सहायता का आश्वासन मिला है। इसके तहत गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50 हजार युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 20 करोड़ रुपये के शुरुआती कोष से ‘हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड’ की स्थापना की गई है। इसके साथ ही 2,000 करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ भी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए HSIIDC के माध्यम से प्रति स्टार्टअप 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा ‘मुख्यमंत्री कौशल सम्मान योजना’ शुरू की गई है। हरियाणा में ‘हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022’ लागू है और हाल ही में 22 स्टार्टअप्स को 1 करोड़ 14 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्टार्टअप संस्कृति केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। आगामी शैक्षणिक सत्र से हर जिले में ‘उद्यमिता प्रतियोगिताएं’ आयोजित की जाएंगी, जिसमें चयनित टीमों को अपने आइडिया को ‘बिजनेस मॉडल’ में बदलने के लिए सरकार द्वारा एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानेसर के औद्योगिक हब होने को देखते हुए HSIIDC के सभी औद्योगिक एस्टेट्स में ‘इन्क्यूबेशन सेंटर्स’ स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्टार्टअप्स को सस्ती दरों पर कार्यस्थल उपलब्ध कराया जा सके। HSIIDC द्वारा इसके लिए तीन IMT क्षेत्रों में भूमि भी चिन्हित कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के विचार को दोहराते हुए कहा कि “रिस्क टेकिंग” अब मेनस्ट्रीम बन गई है। पहले लोग जोखिम लेने से डरते थे, लेकिन आज जोखिम न लेना ही सबसे बड़ा जोखिम माना जाता है।”

मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि हरियाणा में 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है और सरकार महिला उद्यमियों को हर कदम पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स नए भारत की पहचान हैं। चाहे स्पेस सेक्टर हो या डिफेंस सेक्टर, हरियाणा के युवा हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी से अनुरोध किया कि अगले 8 से 10 दिनों के भीतर अपने सुझाव चैटबॉट के माध्यम से भेजें और जब विधानसभा में बजट 2026-27 प्रस्तुत किया जाएगा, तो उसे अवश्य सुनें।

उन्होंने कहा कि जिनके सुझाव बजट में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए विशेष निमंत्रण भेजा जाएगा, ताकि वे स्वयं साक्षी बन सकें कि सरकार ने उनके सुझावों को सम्मान दिया है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, नागरिक संसाधन सूचना विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू भी उपस्थित रहे।

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