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Artificial Intelligence: चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में एआई के उपयोग पर जिम्स में होगी विशेष कार्यशाला

Artificial Intelligence: चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में एआई के उपयोग पर जिम्स में होगी विशेष कार्यशाला

ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स (गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में शनिवार को चिकित्सकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य डॉक्टरों, चिकित्सा शिक्षकों और शोधकर्ताओं को स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में एआई के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में यह स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला है।

इस कार्यशाला का आयोजन जीआईएमएस विद्या सेतु, जीआईएमएस सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन और जीआईएमएस एआई स्टार्टअप क्लिनिक के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ प्रतिभागियों को एआई आधारित आधुनिक तकनीकों, डिजिटल हेल्थ टूल्स और चिकित्सा अनुसंधान में उनके उपयोग की जानकारी देंगे। साथ ही प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

कार्यशाला में यह बताया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से रोगों की पहचान, उपचार योजना, मेडिकल रिसर्च, डेटा विश्लेषण और चिकित्सा शिक्षा को किस प्रकार अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके अलावा डॉक्टरों को एआई आधारित नए डिजिटल उपकरणों और तकनीकों के उपयोग से भी अवगत कराया जाएगा, ताकि वे भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

जिम्स के निदेशक डॉ. (ब्रिग.) राकेश गुप्ता ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में तेजी से बदलाव ला रहा है। ऐसे समय में डॉक्टरों और चिकित्सा शिक्षकों को एआई की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है। इससे मरीजों को बेहतर उपचार, तेज निदान और अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को नई तकनीकों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं। भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि चिकित्सा क्षेत्र आधुनिक तकनीकों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके।

 

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