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Army Eye Camp: सेना के नेत्र शिविर में 200 से अधिक लोगों की रोशनी लौटाई, रक्षा सचिव ने किया दौरा

Army Eye Camp: सेना के नेत्र शिविर में 200 से अधिक लोगों की रोशनी लौटाई, रक्षा सचिव ने किया दौरा

नई दिल्ली/भुज, 5 फरवरी: भारतीय सेना द्वारा आयोजित सर्जिकल नेत्र शिविर ने कच्छ जिले के 200 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी बहाल की। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने दक्षिणी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के साथ इस तीन दिवसीय नेत्र शिविर (3 से 5 फरवरी) का दौरा किया। यह शिविर गुजरात के भुज सैन्य अस्पताल में सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया।

दक्षिणी कमान के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में पूर्व सैनिक, उनके परिजन और आम नागरिकों ने भाग लिया। शिविर का उद्देश्य कच्छ जिले की लगभग 3,000 की आबादी को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना था। भुज तालुका के 120 से अधिक गांवों, जिनमें लखपत, नारायण सरोवर और दयापार जैसे दूरदराज़ और सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं, के लोग इसका लाभ उठा सके।

सभी सर्जरी अत्याधुनिक नेत्र उपकरणों और उच्च गुणवत्ता वाले इंट्राऑक्यूलर लेंस की सहायता से की गई। इस दौरान सुरक्षा और चिकित्सकीय मानकों का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि लाभार्थियों को सुरक्षित और प्रभावी नेत्र चिकित्सा प्रदान की जा सके। शिविर में मौजूद विशेषज्ञों और टीम ने आंखों के विभिन्न रोगों, जैसे मोतियाबिंद और दृष्टि दोष, का सफलतापूर्वक उपचार किया।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे भारतीय सेना की पूर्व सैनिक कल्याण और सैन्य–नागरिक सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवा देने के लिए आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा और उनकी टीम को सम्मानित किया।

इस अवसर पर रक्षा सचिव ने शिविर में आए मरीजों से मुलाकात कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कई लाभार्थियों को स्वयं दवाइयां और चश्मे वितरित किए। इस तरह के शिविर न केवल आंखों की रोशनी बहाल करने में मदद करते हैं, बल्कि ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सैन्य अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के पहल स्वास्थ्य जागरूकता और ग्रामीण स्तर पर गुणवत्ता उपचार प्रदान करने के लिए निरंतर जारी रहेंगे। शिविर के माध्यम से लोगों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ी और उन्हें नियमित नेत्र जांच की महत्वता का भी एहसास हुआ।

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