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नोएडा प्राधिकरण ने रद्द किया 3 करोड़ का टेंडर

नोएडा प्राधिकरण ने पार्कों में जल संरक्षण के लिए 3 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। इसको लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने पार्कों में जल संरक्षण के लिए 3 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। इसको लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

अमर सैनी

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने पार्कों में जल संरक्षण के लिए 3 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। इसको लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसी से वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगने थे। वो भी नोएडा के 27 पार्कों में। स्थानीय पर्यावरण विद विक्रांत तोंगड़ की शिकायत के बाद यह टेंडर रद्द कर दिया गया है। यह टेंडर उत्तर प्रदेश भूजल अधिनियम-2019 के नियमों का पालन नहीं करती है।

विक्रांत तोंगड़ ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण के वर्षा जल संरक्षण और उद्यान विभाग ने शहर के पार्कों में जल संरक्षण के लिए यह टेंडर जारी किया था। जब उन्होंने इस टेंडर की जांच की, तो पता चला कि यह उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल अधिनियम का उल्लंघन करता है। तोंगड़ ने इस मामले में नोएडा प्राधिकरण से जवाब मांगा, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने फिर जिलाधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित किया। आखिर में, उत्तर प्रदेश भूजल विभाग ने नोएडा प्राधिकरण को नोटिस जारी किया। जिसके बाद टेंडर रद्द कर दिया गया। विक्रांत तोंगड़ ने सवाल उठाया कि क्या हर बार नागरिकों को ही अधिकारियों को उनके कर्तव्य और कानून याद दिलाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे गैरकानूनी गतिविधियों को रोकें। तोंगड़ ने आगे बताया कि वे इस मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को भी जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि अगर समय पर शिकायत न की जाती, तो करोड़ों रुपए बर्बाद हो जाते। यहां इमारतों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग का प्रयोग करना चाहिए। ताकि भूजल को रिचार्ज किया जा सके।

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