
AI in healthcare: एम्स अनुसंधान दिवस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने में अहम योगदान
नई दिल्ली, 30 जनवरी: एम्स दिल्ली ने शुक्रवार को एम्स अनुसंधान दिवस 2026 का आयोजन किया, जिसमें संस्थान की अनुसंधान क्षमता, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और राष्ट्रीय स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण शोधों को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर एम्स की वैज्ञानिक उपलब्धियों और रोगों के मैनेजमेंट, स्क्रीनिंग रणनीतियों तथा सबूत-आधारित निर्णय लेने में अनुसंधान के योगदान को विशेष रूप से उजागर किया गया।
एम्स के निदेशक प्रो. एम. श्रीनिवास ने कहा कि अनुसंधान दिवस युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने और संस्थान के वैज्ञानिक प्रयासों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बताया कि एम्स नवाचार, ट्रांसलेशनल रिसर्च और रोगी-केंद्रित विज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
एम्स अनुसंधान अधिष्ठाता प्रो. निखिल टंडन ने बताया कि एम्स दिल्ली में 300 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के तहत 1,000 से अधिक अनुसंधान परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। संस्थान के 57 वैज्ञानिक दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत शोधकर्ताओं में शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एम्स के रिसर्च ट्रांसलेशन इनोवेशन और इनक्यूबेशन कार्यक्रम को 140 से अधिक इनोवेशन एप्लिकेशन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 30 स्टार्ट-अप्स को समर्थन दिया गया और 25 करोड़ रुपये से अधिक की बाहरी फंडिंग उपलब्ध कराई गई।
एम्स में हुई रिसर्च ने लगातार राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों, क्लिनिकल गाइडलाइंस और पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम्स के निर्माण में योगदान दिया है। इससे देश में बीमारी मैनेजमेंट, स्क्रीनिंग रणनीतियों और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलती है, और नीति निर्धारण में वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के सीईओ डॉ. शिवकुमार कल्याणरामन ने कहा कि विज्ञान और इंजीनियरिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का संयोजन अनुसंधान की गति को तेज करेगा। इस अवसर पर एम्स और आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित टेलीरोबोटिक अल्ट्रासाउंड प्रणाली का सजीव प्रदर्शन किया गया, जो दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों में उन्नत निदान सुविधा प्रदान करने में सक्षम है।
इस दिन एम्स एक्सीलेंस अवार्ड्स, नई संस्थागत पहलों का शुभारंभ, डायमंड जुबली ओपरेशन और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जवाहरलाल ऑडिटोरियम में आयोजित इस वैज्ञानिक कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, शोधकर्ता, चिकित्सक और विद्यार्थी शामिल हुए। दिनभर कार्यक्रम में स्नातक, स्नातकोत्तर, रेज़िडेंट, पीएचडी शोधार्थियों और नर्सिंग छात्रों द्वारा मंचीय और पोस्टर प्रस्तुतियां दी गईं।
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