AI in cancer treatment: कैंसर इलाज में नई क्रांति, एआई आधारित विकिरण तकनीक से बढ़ी सटीकता और उपचार की सफलता

AI in cancer treatment: कैंसर इलाज में नई क्रांति, एआई आधारित विकिरण तकनीक से बढ़ी सटीकता और उपचार की सफलता
नई दिल्ली में कैंसर उपचार को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एम्स दिल्ली के कैंसर विकिरण विभाग द्वारा विश्व रेडियोलॉजी दिवस के अवसर पर विशेष सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित विकिरण तकनीक की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई, जो कैंसर के इलाज को अधिक सटीक, तेज और प्रभावी बनाने में सहायक साबित हो रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकिरण तकनीक विशेषज्ञ और एआरटीटीआई व एम्स अधिकारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने कहा कि कैंसर अब लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है। यदि इसकी पहचान प्रारंभिक चरण में हो जाए, तो आधुनिक दवाओं और उन्नत विकिरण तकनीकों के माध्यम से इसका सफल उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि एआई और मशीन लर्निंग तकनीक की मदद से उपचार योजनाएं कम समय में तैयार की जा रही हैं, जिससे मरीज को अधिक सटीक विकिरण दिया जा सकता है और स्वस्थ ऊतकों को नुकसान से बचाया जा सकता है।
डॉ. अजीत सिंह ने कहा कि विकिरण चिकित्सा कैंसर कोशिकाओं के डीएनए को क्षतिग्रस्त कर उन्हें नष्ट करने का कार्य करती है, साथ ही यह दर्द और अन्य लक्षणों से भी राहत दिलाती है। सर्जरी और कीमोथेरेपी के साथ मिलकर विकिरण तकनीक इलाज को और अधिक प्रभावी बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमई का उद्देश्य रेडिएशन थेरेपिस्ट को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना, मरीजों की देखभाल को बेहतर करना और एडवांस्ड ट्रीटमेंट तकनीकों की जानकारी साझा करना था।
इस अवसर पर वर्ष 2017 में प्रोस्टेट कैंसर को मात देने वाले 72 वर्षीय कैंसर सर्वाइवर श्याम पाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एम्स के डॉ. बी. आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों, रेडियोथेरेपिस्ट और मेडिकल स्टाफ ने न सिर्फ उनका इलाज किया बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और बेहतर इलाज के कारण आज वह पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी रहे हैं।
सीएमई में कैंसर केयर से जुड़ी उभरती तकनीकों, रेडियोथेरेपी में एआई के उपयोग, विकिरण तकनीक विशेषज्ञों की पेशेवर चुनौतियों और प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी में हो रहे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में डॉ. सुमन भास्कर, डॉ. सुब्रमणि, सुनील दत्त सहित देशभर से पहुंचे करीब 400 विकिरण तकनीक विशेषज्ञों ने भाग लिया।





