अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत पांच गिरफ्तार

अमर सैनी

नोएडा। थाना सेक्टर-24 पुलिस, स्वाट और सीआरटी टीम ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इन आरोपियों को सेक्टर-54 चौकी कट के पास से पकड़ा गया है। पकड़े गए आरोपी अब तक 500 से अधिक वाहन चोरी कर इसे नार्थ ईस्ट सहित करीब एक दर्जन राज्यों में बेच चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से गिरोह के पास से दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर से चोरी की गई इनोवा और एंडेवर लग्जरी कार समेत 17 कारें बरामद की हैं।
डीसीपी नोएडा रामबदन सिंह ने बताया कि टीम ने गिरोह के सरगना दिल्ली गेट मेरठ निवासी आरिफ उर्फ डोरेमोन, खलीलाबाद संतकबीरनगर निवासी अब्बास उर्फ इकराम, छाता मथुरा निवासी कप्तान उर्फ भूरा उर्फ भुट्टन, खिसियाजान मेरठ निवासी आसिफ उर्फ पाटू और रामपुरा कोटा राजस्थान निवासी अब्दुल रज्जाक को गिरफ्तार किया है। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि वह पिछले काफी समय वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और अन्य जगहों से चार पहिया वाहन चुराते थे। उनके पास एक की प्रोग्रामिंग पैड होता था जिसे वे ऑनलाइन ऑर्डर करते थे और इसका उपयोग करके वाहन की ईसीएम (इलेक्ट्रॉनिक कंटेंट मैनेजमेंट) मशीन को फिर से प्रोग्राम करते थे। एक नया कीमोड बनाने के बाद, वे वाहन की डुप्लिकेट चाबी बनाते थे और इस तरह पूरा वाहन उनके नियंत्रण में आ जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में 5 से 10 मिनट लगते थे। इसके अलावा वे अपने पास चाबियां और वाहन के ताले तोड़ने और डुप्लिकेट चाबियां बनाने के उपकरण भी रखते थे ताकि आसानी से वाहन चुरा सकें।

ऑन डिमांड वाहन चोरी कर कई राज्यों में थे बेचते
यह गिरोह ऑन डिमांड वाहन चोरी कर उन्हें देश के अलग-अलग कोनों में मनमाने दामों पर बेच देता है। चेसिस, इंजन और गाड़ी का नंबर बदलकर पकड़ में नहीं आते। वाहन चोरी करने के बाद उसके नंबर प्लेट हटाकर ग्रीन बेल्ट और पार्किंग में खड़ी कर देते। बताया कि गाड़ियों की नंबर प्लेट और फर्जी कागजात बदलकर उन्हें पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, चेन्नई और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में बेच देते। आरोपी कक्कड़ गैंग की तरह पुलिस से बचने के लिए व्हाट्सएप के जरिए भी काम करते थे और गाड़ी खराब होने की तकनीक अपनाकर गाड़ियों को सीमा पार कराते थे।

पुलिस का दावा-चोरी को नहीं पता कितने वाहन किए चोरी
डीसीपी क्राइम शिव मोहन अवस्थी ने बताया कि पूछताछ करने पर आरोपी अभी तक चोरी के वाहनों की संख्या नहीं बता पाए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि चोरों ने इतनी चोरियां की हैं कि उन्हें चोरी की संख्या भी याद नहीं है। पकड़े गए आरोपी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में सक्रिय हैं। इनमें आरिफ पर 30, अब्बास पर 23, कैप्टन पर 22, आसिफ पर 12 और अब्दुल पर 11 मुकदमे दर्ज हैं।

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