अमर सैनी
नोएडा। आगामी केंद्रीय बजट 2024 की घोषणा के मद्देनजर देश के व्यापारिक समुदाय की नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हुई हैं। व्यापारियों को आशा है कि इस बजट में उनकी चिरप्रतीक्षित मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। सेक्टर 18 मार्केट एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष एवं कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) दिल्ली एनसीआर के संयोजक सुशील कुमार जैन ने व्यापारिक समुदाय की आकांक्षाओं को व्यक्त करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं।
सुशील कुमार जैन ने सर्वप्रथम वस्तु एवं सेवा कर कानून में व्यापक सुधार की मांग की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के क्रियान्वयन के पश्चात् इसमें अनेक संशोधन हुए हैं, जिसके फलस्वरूप यह कानून अत्यंत जटिल हो गया है। हमारा सुझाव है कि इस कानून को पुनर्लिखित कर सरल बनाया जाए। उन्होंने जिला स्तर पर जीएसटी समन्वय समितियों के गठन का प्रस्ताव भी रखा, जिससे स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित निराकरण हो सके।
डिजिटल युग में ई-कॉमर्स का महत्व
जैन ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में दस लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से मुक्त किया जाना चाहिए। साथ ही, छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए एक पृथक आयकर स्लैब की आवश्यकता है। डिजिटल युग में ई-कॉमर्स का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। अत एक व्यापक ई-कॉमर्स नीति का शीघ्र क्रियान्वयन आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति के कार्यान्वयन पर भी बल दिया।
गठन का सुझाव
व्यापारियों के कल्याण हेतु जैन ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कम ब्याज दरों पर ऋण की उपलब्धता, व्यापारी पेंशन योजना में संशोधन और राज्य राजधानियों में विशेष व्यापार क्षेत्रों की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि इन उपायों से न केवल व्यापारियों का कल्याण होगा, अपितु समग्र अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जैन ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे वस्त्र, खिलौने, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, हार्डवेयर, आभूषण और रेडीमेड वस्त्रों में विशेष कार्य दलों के गठन का सुझाव दिया है।


